विज्ञापन

विज्ञापन

Friday, May 8, 2020

बिना पास के मंड़ी समिति में इंट्री बैन, फुटकर सब्जी व फल बेंचने पर लगाई गई रोक

-सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना होने पर स्थानीय मजिस्ट्रेट ने उठाया कदम


-प्रदेश व देश के कई शहरों में सब्जी विक्रेताओं से ग्राहकों को हो चुका है संक्रमण

बलरामपुर 8 मई। जिले में लाख प्रयास के बाद भी ठीक ढंग से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों के समझाने पर लोग कुछ देर तो नियमों का पालन करते है लेकिन बाद में फिर सब कुछ वैसे ही चलने लगता है। मंड़ी समिति में सब्जियों व फलों की खरीदारी के दौरान नियमों का पालन ना करने की मिल रही शिकायतों के दौरान ड्यूटी में लगे मजिस्ट्रेट ने खरीददारी को लेकर सख्त रूख अपनाया है।  

भगवतीगंज इलाके में ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट राकेश शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि कृषि उत्पाद मंडी समिति भगवतीगंज में नियमानुसार सब्जियों व फलों के फुटकर खरीदारी पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा अब सिर्फ उन्हे ही मंडी समिति में खरीददारी की अनुमति दी जाएगी जिनके पास जिला प्रशासन द्वारा जारी मंड़ी समिति से बाहर ले जाकर फुटकर फल व सब्जियों को बेंचने का पास उपलब्ध होगा। ऐसे वाहनो व व्यक्तियों की मंडी समिति में सुबह 5 बजे से 10 बजे तक इंट्री पर बैन लगा दी गई है जिनके पास खरीददारी की अनुमति नहीं होगी। उन्होने बताया कि प्रतिदिन करीब 300 से 400 छोटे बड़े व्यापारी वाहनों के साथ मंड़ी समिति में इंट्री करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में इंट्री होने के कारण सरकार की मंशा का अनुपालन नहीं हो पा रहा था इसीलिए शुक्रवार से ही मंड़ी गेट से ही फुटकर खरीदारी व बिना पास के इंट्री पर बैन लगा दिया गया है। उन्होने बताया कि पास के साथ वही व्यापारी खरीदारी के लिए इंट्री पा सकेंगें जिनके चेहरे पर मास्क लगा होगा। इस दौरान वे स्वयं गेट पर पुलिस बल के साथ मौजूद रहकर नियमों का पालन करवाएंगें। मंड़ी समिति में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पास चेक करने के बाद विक्रेताओं को टोकन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।  उन्होने सब्जी व्यापारी संघ के व्यापारियों से भी अपील की है कि कोरोना वायरस को रोकने में के लिए वे व्यवस्था बनाने में सहयोग करें। ये इसलिए भी जरूरी है क्योंकि प्रदेश व देश के कई इलाकों में सब्जी विक्रेता व व्यापारियों के संपर्क में आने से आम नागरिकों को भी कोरोना वायरस का संक्रमण हो चुका है।

 

 


No comments:

Post a Comment