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Friday, May 8, 2020

प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से बागवानों ने लगाई आर्थिक पैकेज की गुहार



शाहाबाद,हरदोई - (अयोध्या टाइम्स)इस बार आम के पेडों में काफी अच्छा बौर आया था। आम के बाग बौर से गुलजार थे। इस बार  आम की फसल  काफी अच्छी थी । बागवानों के चेहरे खिल उठे थे। लेकिन अचानक कोरोना वायरस के चलते 25 मार्च को लॉक डाउन कर दिया गया था । आम के बागों में  मधुआ का रोग लग गया था । लॉक डाउन के कारण  बागवानों को समय से  कीटनाशक दवा नहीं मिल पाई  जिस कारण  भुनगा कीट का प्रकोप बढ़ता चला गया और आज स्थिति यह है रोग लगने से आम के फल समय से पहले चू रहे हैं  मधुआ रोग भुगना नामक छोटा सिलेटी एवं गहरे रंग का फुदकने वाला कीट है। इसके छोटे बच्चे तथा वयस्क दोनों ही आम के मंजरों, नई शाखाओं और पत्तियों का रस चूसता है। परिणामत: मंजर सूख जाते हैं और फल भी सूखकर गिर जाता है। यह कीट एक चिपकने वाला मधु जैसा पदार्थ पैदा करता है। इससे पत्तियों पर काली फफुंद जम जाती है और पूरी पत्ती काली हो जाती है। कीट से बचने के लिए जनवरी माह से ही कीटनाशी का छिड़काव जरूरी है। जनवरी के अंतिम सप्ताह से अप्रैल माह तक तीन बार छिड़काव किया जाना चाहिए। लेकिन 25 मार्च को लॉक डाउन घोषित कर दिया गया था जिसके कारण मार्च व अप्रैल माह में समय से  कीटनाशक का छिड़काव नहीं हो पाया जिससे फसल जाती रही। जिस कारण बागवानों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है जिन बागवानों ने बाग को किराए पर लिया है अब उनको सूद पर रकम लेकर बाग मालिक को देना पड़ेगा। 
उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद के  नगर पालिका परिषद शाहाबाद के मोहल्ला जेरबंगला के रहने वाले बागवान मुनीश खान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से बागवानों के लिए आर्थिक पैकेज की मांग की है जिससे वह दो जून की रोटी चला सके।


 

 



 

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