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Sunday, May 10, 2020

प्यारी सी चिड़िया 

बारिश की टिप-टिप बूंदे, 

कहाँ से आये हो परिंदे?

नन्ही सी,प्यारी सी चिड़िया रानी,

भीग रही हो क्यों, ज़रा बतानी?

ठंड लग गई तो,

याद आएगी तुम्हें अपनी नानी।

 

दूर से देख लगा मुझे, कोई खिलौना होगा,

नहीं-नहीं नजदीक जाकर ,

मुझे देखना होगा।

देखा तो ठिठुरती नन्ही-सी चिड़िया थी,

स्थिर बैठी, न हिलती न डुलती थी।

 

करुणा जाग उठी मेरे मन में,

सूजी एक बात उसी क्षण में।

चोंच न मारना मेरे हाथों में,

ले लो मेरा छाता अपने सिर पे।

 

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