Friday, January 10, 2020

केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों को 49 से 58 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आयातित प्याज देने की पेशकश की; केन्द्रीय उपभोक्ता कार्य मंत्री श्री रामविलास पासवान ने उपभोक्ताओं को खुदरा दर पर प्याज उपलब्ध कराने की राज्य सरकारों की आरंभिक मांग के अनुसार उन्हें आयातित प्याज खरीदने के लिए प्रेरित किया

केन्द्रीय उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री रामविलास पासवान ने देश भर में प्याज की संपूर्ण उपलब्धता और उसकी कीमतों तथा अब तक आयातित मात्रा के बारे में आज मीडिया को एक प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी दी। श्री पासवान ने कहा कि केन्द्र सरकार ने मुंबई में उतरने वाले प्याज को 49 रुपये से लेकर 58 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से राज्य सरकारों को देने का फैसला किया है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आयात दिसम्बर के मध्य में शुरु हुआ और राज्यों से कहा गया है कि आयातित स्टॉक से आपूर्ति के लिए वे अपनी मांग का ऑर्डर दें। राज्यों ने आरंभ में 33,139 मीट्रिक टन प्याज की मांग रखी थी, जिसे घरेलू मूल्यों में कटौती और बेहतर उपलब्धता सहित विभिन्न कारणों से बाद में संशोधित कर 14,309 मीट्रिक टन कर दिया गया।


केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि एक लाख मीट्रिक टन प्याज का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन चूंकि प्याज उगाने का मौसम दुनिया भर में समाप्त हो चुका है और अंतर्राष्ट्रीय मूल्य अधिक हैं, छोटी मात्रा में एक समय के लिए ऑर्डर सोच-समझ कर दिया जा रहा है ताकि अंतर्राष्ट्रीय मूल्यों में तेजी से वृद्धि न हो। केन्द्र सरकार ने आरंभिक मांग के आधार पर आयात की योजना बनाई है और वह करीब 40,000 मीट्रिक टन प्याज का ठेका कर चुकी है, जो जनवरी के अंत से पहले भारत पहुंच जाएगा। अब तक देश में 12,000 मीट्रिक टन प्याज पहुंच चुका है और राज्य सरकारों के बीच वितरण के लिए तैयार है।


श्री पासवान ने कहा कि मुख्य चिंता उपभोक्ता के हितों की रक्षा करना है और इसे सुनिश्चित करने के लिए आयात के साथ घरेलू आपूर्ति बढ़ाई गई है ताकि मूल्य कम रहे और कुल मिलाकर उपलब्धता बढ़े। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारों तथा उपभोक्ताओं के बीच समन्वित प्रयास होने चाहिए ताकि उद्देश्य को हासिल करना सुनिश्चित किया जा सके। केन्द्रीय मंत्री ने सभी राज्यों से कहा कि वे उनके द्वारा आरंभ में रखी गई मांग का सम्मान करें और संबद्ध राज्यों में आयातित प्याज का वितरण करें ताकि प्याज की कीमतें कम रहें।


उपभोक्ता कार्य सचिव श्री अविनाश श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि कैबिनेट सचिव ने आज सुबह वीडियो कांफ्रेंस की ताकि उपलब्धता बढ़ाने और कीमतें कम करने के लिए राज्य में सीधे रिटेलिंग/वितरण के उद्देश्य से राज्य सरकारों को आयातित स्टॉक से अधिक प्याज खरीदने के लिए राजी कराया जा सके। उन्होंने कहा कि दिसम्बर से प्याज के मूल्यों में गिरावट आनी शुरु हो गई है, जिसके कारण राज्य सरकारों ने अपनी मांग कम की है। कैबिनेट सचिव ने असम, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु सहित 12 राज्यों से कहा कि वे अपनी आरंभिक मांग का सम्मान करें और जरूरत पड़ने पर आयातित स्टॉक से प्याज उठाएं ताकि कीमतों पर अंकुश लगा रहे।


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