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Showing posts from September, 2020

"   आप ही के अंदर शक्तियों का महावृक्ष है "

सफलता प्राप्त करने के लिए जबरदस्त सतत प्रयत्न और जबरदस्त इच्छा रखो आप, अपने आप में विश्वास रखिए जब भी विचलित हो आप तो यह शब्द जरूर बोलो कि मैं समुंद्र पी जाऊंगा मेरी इच्छा से पर्वत टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे। इस प्रकार की शक्ति और इच्छा आप रखो, इसके साथ ही कड़ा परिश्रम करो। देखना आप अपने उद्देश्य को एक दिन निश्चित पा लोगे। याद रखना आप मेरी बात को आपके भीतर सभी शक्तियां निहित है, आप में ही महान से महानतम बनने के बीज आप के अंतः करण में मौजूद है। लेकिन दोस्त जब तक हम इन शक्तियों को विकसित नहीं करेंगे तब तक आप ही सोचो आपको जीवन का आनंद कैसे प्राप्त होगा? आज चारों तरफ देखे तो अधिकतर लोग थोड़ी सी किसी ने आलोचना किया और वह परेशान हो जाते हैं, जबकि भाइयों हर जानदार तथा शानदार व्यक्ति की आलोचना होती है। यह सच है कि अधिकतर लोग उससे ईर्ष्या  भी करते हैं । एक बात अपने दिल में उतार लो कि आलोचना एवं ईर्ष्या इस बात की द्योतक है कि आप जीवित हैं, आप में दम है तथा आपका जीवन सार्थक है। सही आलोचना से आप हमेशा सीखो तथा अपने आपको बदलो एवं इसके साथ ही गलत आलोचनाओं से परेशान आप जरा भी ना होना। उन्हें मुस्कु

बहु भी मुस्कुराना चाहती है

बहु भी किसी की बेटी है, फिर क्यों इतना कष्ट पाती है। छोड़कर आई है बहु,अपने पूरे घर को, बहु भी मुस्कुराना चाहती है।।   अपने माँ बाप की प्यारी बेटी, बहु बनकर ससुराल आती है। बहु को दें बेटी का दर्जा, बहु भी मुस्कुराना चाहती है।।   बेटी,बहु और कभी माँ बनकर अपने सब फर्ज़ निभाती है। सबके सुख-दुख को सहकर, बहु भी मुस्कुराना चाहती है।।   बहु के बारे में क्या कहूँ,  पूरे घर आंगन में खुशियां लाती है। सास-ससुर की सेवा करके, बहु भी मुस्कुराना चाहती है।।   सबका रखे ध्यान और ख्याल, अंत में खाना खाती है।। ससुराल में बेटी बनकर, बहु भी मुस्कुराना चाहती है।।   दहेज प्रताड़ना दे देकर, बहुएं जिंदा जलाई जाती है। समर्पण की भावना अपनाकर, बहु भी मुस्कुराना चाहती है।।   माँ लक्ष्मी, दुर्गा रूप में, देवी रूपी बहु सबके मन को भाती है। ज़रा "बेटी" उसे कह कर पुकारो, बहु भी मुस्कुराना चाहती है।। गोपाल कृष्ण पटेल "जी1" दीनदयाल कॉलोनी जांजगीर छत्तीसगढ़    

कभी तो

तुम ख्वाहिश हो मेरी  कभी तो मुझे मिला करो। तुम दुआ हो मेरी  कभी तो कबूल हुआ करो। तुम मोहब्बत हो मेरी कभी तो पूरी हुआ करो। तुम जहान हो मेरा कभी तो मुझ पर  मर मिटा करो। तुम धड़कन हो मेरी कभी तो मेरे दहकते दिल में धड़का करो। तुम सांस हो मेरी  कभी तो जीने की  ख्वाहिश से मुझ में आया करो। तुम इश्क हो मेरा कभी तो तुम मोहब्बत के बहाने  मेरे शहर में आया करो। तुम चाहत हो मेरी कभी तो मेरे  अनाहत द्वार को छुआ करो।

युवा वर्ग के लिए चुनौती एवं संदेश 

केंद्र सरकार ने नौकरियों में भरती की जिस नई प्रवेश परीक्षा और प्रक्रिया की योजना पेश की है, उसके भीतर दूरगामी संभावनाएं छिपी हुई हैं। यह एक प्रकार की सामाजिक क्रांति को जन्म दे सकती है, बशर्ते इसे सावधानी से लागू किया जाए। यह प्रक्रिया ग्रामीण क्षेत्र के युवकों को मुख्यधारा में आने का मौका देगी, लड़कियों को महत्वपूर्ण सरकारी सेवाओं से जोड़ेगी और भारतीय भाषाओं के माध्यम से सरकारी सेवाओं में आने के इच्छुक नौजवानों को आगे आने का अवसर देगी। इन सब बातों के अलावा प्रत्याशियों और सेवायोजकों दोनों के समय और साधनों का अपव्यय भी रुकेगा। केंद्र सरकार ने गत 19 अगस्त को फैसला किया है कि सरकारी क्षेत्र की तमाम नौकरियों में प्रवेश के लिए एक राष्ट्रीय भरती एजेंसी का गठन किया जाएगा। इस आशय की जानकारियाँ प्रधानमंत्री कार्यालय से सम्बद्ध तथा कार्मिक, सार्वजनिक शिकायतों और पेंशन विभागों के राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह ने दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार की नौकरियों की भरती में परिवर्तनकारी सुधार लाने हेतु राष्ट्रीय भरती एजेंसी (नेशनल रिक्रूटमेंट एज

देश का भरोसा अभी आप पर है लेकिन

अगर आपको कहा जाए कि फ़्लैश बैक में जाकर कुछ याद कीजिए यूपीए-2 के अंतिम वर्ष।बुरी तरह से घोटालों के आरोपों से घिरी हुई सरकार।विपक्ष का चौतरफा हमला।यकायक अन्ना आंदोलन और उस आंदोलन के पीछे देश।याद कीजिए वह दिन जब रामलीला मैदान से अन्ना को गिरफ्तार कर लिया था और तिहाड़ जेल में भेज दिया था,तब एकदम से सारे देश में ऐसा लगा कि बस अब और नहीं,यह यूपीए की सरकार किसी भी कीमत पर अब एक दिन के लिए भी नहीं चाहिए।इसे जाना चाहिए।इसी क्रम में याद कीजिए मीडिया का सारा फोकस केवल अन्ना पर हो गया था और देश का विपक्ष एकदम नेपथ्य में चला गया था।हर और एक ही शोर कि अन्ना नहीं,यह गांधी है।आनन-फानन में अन्ना को उसी दिन तिहाड़ जेल से रिहा किया गया,तब देश का वातावरण देखते ही बनता था।ठीक इसी तरह जैसे आज रिया,कंगना आदि-आदि हो रहा है।उस समय केवल अन्ना बाकी कुछ नहीं।इस बीच यह बात भी ध्यान रखिए कि उस समय सरकार के मंत्री कपिल सिब्बल,सलमान खुर्शीद,प्रणव मुखर्जी आदि-आदि,ऐसे बौखला गए थे कि इन सबके लिए मीडिया का सामना करना मुश्किल हो गया था।लबोलुबाब यह था कि इन तमाम मंत्रियों को कुछ नहीं सूझता था और अनाप-शनाप बोलने लग गए थे।अगर

"   आप ही के अंदर शक्तियों का महावृक्ष है 

सफलता प्राप्त करने के लिए जबरदस्त सतत प्रयत्न और जबरदस्त इच्छा रखो आप, अपने आप में विश्वास रखिए जब भी विचलित हो आप तो यह शब्द जरूर बोलो कि मैं समुंद्र पी जाऊंगा मेरी इच्छा से पर्वत टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे। इस प्रकार की शक्ति और इच्छा आप रखो, इसके साथ ही कड़ा परिश्रम करो। देखना आप अपने उद्देश्य को एक दिन निश्चित पा लोगे। याद रखना आप मेरी बात को आपके भीतर सभी शक्तियां निहित है, आप में ही महान से महानतम बनने के बीज आप के अंतः करण में मौजूद है। लेकिन दोस्त जब तक हम इन शक्तियों को विकसित नहीं करेंगे तब तक आप ही सोचो आपको जीवन का आनंद कैसे प्राप्त होगा? आज चारों तरफ देखे तो अधिकतर लोग थोड़ी सी किसी ने आलोचना किया और वह परेशान हो जाते हैं, जबकि भाइयों हर जानदार तथा शानदार व्यक्ति की आलोचना होती है। यह सच है कि अधिकतर लोग उससे ईर्ष्या  भी करते हैं । एक बात अपने दिल में उतार लो कि आलोचना एवं ईर्ष्या इस बात की द्योतक है कि आप जीवित हैं, आप में दम है तथा आपका जीवन सार्थक है। सही आलोचना से आप हमेशा सीखो तथा अपने आपको बदलो एवं इसके साथ ही गलत आलोचनाओं से परेशान आप जरा भी ना होना। उन्हें मुस्कुरा

  आज परमाणु बम से भी ज्यादा बड़ा खतरा फेक न्यूज़ से है

जी दोस्तों आज देखा जाए तो झूठी खबरें किसी परमाणु बम से भी ज्यादा बड़ा खतरा बनता जा रहा है। जब दोस्तों कोविड-19 से उपजी वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के शुरुआती दिनों में देशव्यापी लॉकडाउन किया गया तो हम सभी ने प्रवासी मजदूरों के पलायन की तस्वीरें देखें, लेकिन अब केंद्र सरकार के मुताबिक कहा जा रहा है कि फेक न्यूज़ की वजह से ही इतनी बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर पलायन के लिए मजबूर हो गए थे मतलब की हमारे भारत के लिए आज फेक न्यूज़ सबसे बड़ा खतरा बन गया है । दोस्तों आज फेक न्यूज़ को आप तक पहुंचाने का सबसे बड़ा भूमिका सोशल मीडिया निभा रहा है, यह आप भी देख रहे हैं कि फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे ऐप फेक न्यूज़ फैलाने का माध्यम बन चुके हैं और यह किसी परमाणु बम के धमाके से भी ज्यादा खतरनाक है। आज दोस्तों इन्हीं फेक न्यूज की वजह से कई जगहों पर हम देखते हैं कि दंगे हो जा रहे हैं, किसी बड़ी हस्ती के निधन के बारे में झूठी खबर फैला दी जाती है, और तो और आज फेक न्यूज़ के वजह से ही दो देश युद्ध के करीब पहुंच जाते हैं। दोस्तों आज यह फेक न्यूज़ एक ही समय में लाखों करोड़ों लोगों को प्रभावित कर रहा है। याद करो

धर्मनिष्ठ तथा धर्मभीरु में अंतर

धर्मनिष्ठ वह होता है जो श्रद्धा से धर्म को मानता है। जबकि धर्मभीरु का मतलब धर्म से डरने वाला होता है। धर्मभीरु भयवश धर्म को मानता है।          धर्मनिष्ठ व्यक्ति धर्म के असली अर्थ और महत्व को भलीभांति जानता और समझता है, किंतु धर्मभीरु व्यक्ति धर्म के अर्थ और महत्व को समझे बिना ही धर्म का पालन करता है।          धर्मनिष्ठ व्यक्ति मानवता के पालन को ही सबसे बड़ा धर्म मानता है। करुणा, क्षमा, सत्यवादन, चोरी न करना, अहिंसा, किसी को शारीरिक या मानसिक कष्ट न देना, दूसरों की सहायता करना, माता-पिता एवं गुरुजनों का आदर करना आदि मानवीय गुण और जीवन के मूलभूत सिद्धांत, धर्मनिष्ठ व्यक्ति के स्वभाव और चरित्र में निहित होते हैं। किंतु धर्मभीरु व्यक्ति धार्मिक-आध्यात्मिक पुस्तकों और गुरुजनों द्वारा भयभीत कराए जाने के कारण इन मानवीय गुणों और जीवन के मूलभूत सिद्धांतों का भयवश अनुपालन करता है।           शायद ऐसे लोगों के लिए ही नर्क आदि लोकों की कल्पना की गई है और धार्मिक पुस्तकों में भांति-भांति के नर्कों और उनकी भांति-भांति की यातनाओं का वर्णन कर, ऐसे व्यक्तियों को धर्म के मार्ग पर चलाने का प्रयास कि

साक्षात विश्वकर्मा की अद्भुत स्मृति 

सृष्टि के आदिकाल, जो पाषाण युग कहलाता है, में आज का यह मानव समाज वनमानुष के रूप में वन-पर्वतों पर इधर से उधर उछल-कूद कर रहा था। मनुष्य की उस प्राकृतिक अवस्था में खाने के लिए कंदमूल, फल और पहनने को वलकल तथा निवास के लिए गुफाएं थीं। उस प्राकृतिक अवस्था से आधुनिक अवस्था में मनुष्य को जिस शिल्पकला विज्ञान ने सहारा दिया, उस शिल्पकला विज्ञान के अधिष्ठाता एवं आविष्कारक महर्षि आचार्य विश्वकर्मा थे। शिल्प विज्ञान प्रवर्तक अथर्ववेद के रचयिता कहे जाते हैं। अथर्ववेद में शिल्पकला विज्ञान के अनेकों आविष्कारों का उल्लेख है। पुराणों ने भी इसको विश्वकर्मा रचित ग्रंथ माना है, जिसके द्वारा अनेकों विद्याओं की उत्पत्ति हुई।  मानव जीवन की यात्रा का लंबा इतिहास है और इसका बहुत लंबा संघर्ष है। भगवान विश्वकर्मा ने उसे सबसे पहले शिक्षित और प्रशिक्षित किया ताकि उसे विभिन्न शिल्पों में प्रशिक्षित किया जा सके। इस तरह मानव की संस्कृति और सभ्यता का प्रथम प्रवर्तक भगवान विश्वकर्मा जी हुए जिसे वेदों ने स्वीकार किया है और उनकी स्तुति की है। विश्वकर्मा ने मानव जाति को शासन-प्रशासन में प्रशिक्षित किया। उन्होंने अनेक प्

दिल्ली की चालिस प्रतिशत आबादी का हिस्सा बेघर क्यों?

घर हम सभी की जरूरत या जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा। घर का सपना हम सभी देखते हैं ओर उसे पूरा करने के लिए हर कोशिश करते हैं। हमारे जीवन में जितना बड़ा सहारा घर का है उतना अधिक सहारा तो अपने कहें जाने वाले भी नहीं दे पाते हैं। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब सत्ता में पहली बार आए तब उनका यही कहना था कि सभी के पास अपना मकान होना चाहिए। जिसके लिए उन्होंने सस्ते घरों की योजना भी निकाली थीं, ताकि सभी को घर मिल सकें। किंतु आज जब कोविड 19 जैसी बिमारी से परेशान हैं और आर्थिक आपदा झेल रहे हैं। तब वह गरीब लोग जो अपने जीवन चलाने के लिए हर रोज कार्य करते हैं। उनको एक ओर जहां बेरोजगारी के चलते खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके सर से छत छिने के आदेश ने जीना मुश्किल कर दिया है।  31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि "यदि कोई अतिक्रमण के संबंध में कोई अंतरिम आदेश दिया जाता है, जो रेलवे पटरियों के पास किया गया है, तो यह प्रभावी नहीं होगा।"  जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने के भीतर दिल्ली में 140 किलोमीटर लंबी रेल

फेसबुक का विवाद एवं सच

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भारत में अपनी भूमिका को लेकर फेसबुक ने औपचारिक रूप से यह स्पष्ट किया है कि सामग्री को लेकर जो विवाद खड़ा हुआ है, उसका निर्वाह सही तरीके से किया जा रहा है और वह एक खुला, पारदर्शी और पक्षपात- रहित मंच है। फेसबुक के भारत-प्रमुख अजित मोहन ने जो नोट लिखा है, उसके नीचे पाठकों की प्रतिक्रियाएं पढ़ें, तो लगेगा कि फेसबुक पर कम्युनिस्टों और इस्लामिक विचारों के प्रसार का आरोप लगाने वालों की संख्या भी कम नहीं है। फेसबुक ही नहीं ट्विटर, वॉट्सएप और सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफॉर्म पर इन दिनों उन्मादी टिप्पणियों की बहुतायत है। क्यों हैं ये टिप्पणियाँ? क्या ये वे दबी बातें हैं, जिन्हें खुलकर बाहर आने का मौका सोशल मीडिया के कारण मिला है?   ऐसे में सवाल दो हैं। क्या फेसबुक ने अपने आर्थिक हितों के लिए भारत में सत्ताधारी राजनीतिक दल से कोई गठजोड़ किया है या जो कुछ सामाजिक विमर्श में चलता है, वही सामने आ रहा है? सोशल मीडिया के सामने मॉडरेशन एक बड़ी समस्या है। एक तरफ सामाजिक ताकतें हैं, दूसरी तरफ राजनीतिक शक्तियाँ। कोई भी कारोबारी सरकार से रिश्ते बिगाड़ भी नहीं सकता। आज बीजेपी की सरकार है। जब कांग्रे

कोरोना वैक्सीन 2024 के अंत तक सभी को मिलेगी

                          वी रेन्द्र बहादुर सिंह देश में इस समय कोरोना का कहर शिखर पर है। कोरोना वायरस के बारे में लापरवाही बरतने वाले चाहे वे अमीर हों या गरीब, राजनेता हों या सामान्य आदमी, मंत्री हों या संत्री, किसी को भी नहीं छोड़ रहा हैै। यह निश्चित हो गया है कि आप ने जरा भी लापरवाही की नहीं कि आप कोरोना का शिकार हो गए। सोमवार से देश में लोकसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। लोकसभा और राज्यसभा का सत्र शुरू होने के पहले कोरोना टेस्ट जरूरी होने के कारण मानसून सत्र के पहले ही दिन कोरोना की जांच में दोनोें सदनों में 26 सांसद कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसमें से 18 सांसद लोकसभा और 8 सांसद राज्यसभा के थे। लोकसभा के पॉजिटिव सांसदों में 12 सांसद भाजपा, शिवसेना और वाईआरएस के 2-2 सांसद और आरएलपी का एक सांसद है। एक साथ इतने सारे सांसदों के कोरोना पॉजिटिव होने से संसद में भी भय का माहौल बन गया है। संसद में  सोशल डिस्टेसिंग का खास ख्याल रखा गया है। दो सांसदों के बीच 5 से 6 फुट की दूर रखी गई है यानी दो सांसद कम से कम इतनी दूरी पर बैठेंगे। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वाले सांसादों में मीनाक्षी लेखी, अनंत

कृषि में कौशल विकास की चुनौतियां 

हम सभी जानते हैं कि दोस्त किसी भी देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए कौशल और ज्ञान दो प्रेरक बल होते हैं। हमारा भारत कृषि प्रधान देश होने के साथ-साथ ही वैश्विक स्तर पर भी सबसे अधिक युवाओं वाला देश भी है। कृषि क्षेत्र में हमने आजादी के बाद एक लंबा  संघर्ष भरा सफर तय किया है। आज दोस्त हरित क्रांति तथा कृषि वैज्ञानिकों के अनुसंधान तथा प्रसार ने भारत को न सिर्फ खाद्यान्न में  बल्कि दुग्ध उत्पादन में भी विश्व के शिखर में खड़ा कर दिया है और आज भारत फल एवं सब्जियों में दूध , मसाले एवं जुट में वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा उत्पादक देश है। अगर हम धान एवं गेहूं में देखें तो हमारा भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक एवं वैश्विक स्तर पर भारत 80% से अधिक फसलों के सबसे बड़ी उत्पादकों में से आज एक है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हरित क्रांति रणनीति द्वारा भारत में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने और देश की खाद्य सुरक्षा में सुधार लाने पर जोर दिया गया था, जो आज अनाजों से हमारा भंडारण भरा हुआ है। परंतु दोस्तों आज समय की यह मांग है की खाद्य सुरक्षा में सुधार के साथ-साथ अधिक आय अर्जित कर

कृषि में कौशल विकास की चुनौतियां 

हम सभी जानते हैं कि दोस्त किसी भी देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए कौशल और ज्ञान दो प्रेरक बल होते हैं। हमारा भारत कृषि प्रधान देश होने के साथ-साथ ही वैश्विक स्तर पर भी सबसे अधिक युवाओं वाला देश भी है। कृषि क्षेत्र में हमने आजादी के बाद एक लंबा  संघर्ष भरा सफर तय किया है। आज दोस्त हरित क्रांति तथा कृषि वैज्ञानिकों के अनुसंधान तथा प्रसार ने भारत को न सिर्फ खाद्यान्न में  बल्कि दुग्ध उत्पादन में भी विश्व के शिखर में खड़ा कर दिया है और आज भारत फल एवं सब्जियों में दूध , मसाले एवं जुट में वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा उत्पादक देश है। अगर हम धान एवं गेहूं में देखें तो हमारा भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक एवं वैश्विक स्तर पर भारत 80% से अधिक फसलों के सबसे बड़ी उत्पादकों में से आज एक है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हरित क्रांति रणनीति द्वारा भारत में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने और देश की खाद्य सुरक्षा में सुधार लाने पर जोर दिया गया था, जो आज अनाजों से हमारा भंडारण भरा हुआ है। परंतु दोस्तों आज समय की यह मांग है की खाद्य सुरक्षा में सुधार के साथ-साथ अधिक आय अर्जित कर

संवेदनहीनता,लाचारी या दुर्भाग्य-किसान,मजदूर का

संसद सत्र शुरू हुआ।इधर चंद दिन पहले पीपली में किसानों पर लाठीचार्ज किया गया।प्रदेश के गृहमंत्री का ब्यान आया कि लाठीचार्ज हुआ ही नहीं,लेकिन भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष का ब्यान आया कि किसानों पर लाठीचार्ज दुर्भाग्यपूर्ण है।इसी बीच तीन सांसदों की एक कमेटी बना दी जाती है,जो किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकत करके उनकी समस्याओं के समाधान के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।हुआ भी वही।कमेटी ने कई जिलों में जाकर किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात की और अपनी रिपोर्ट सौंप दी।इस दौरान कमेटी को कहीं-कहीं खरी-खोटी भी सुननी पड़ी और भाजपा समर्थित किसान संघ का ये ब्यान भी आया कि किसानों की मांगों का हल होगा।ख़ैर,ये सब हुआ ही था कि केंद्र सरकार ने वर्तमान में चल रहे संसद सत्र में तीनों अध्यादेशों को बिल के रूप में प्रस्तुत कर दिया और साथ ही यह भी दो टूक कह दिया कि किसी भी सूरत में ये अध्यादेश वापिस नहीं होंगे बल्कि बिल पास कर कानून बनाएंगे।इसे क्या कहे संवेदनहीनता,लाचारी या किसान और मजदूर का दुर्भाग्य कि इनकी किस्मत में ही यह लिखा होता है।यह भी तो हो सकता था कि किसानों की आपत्ति सुनकर बिलों में संशोधन करके प्रस्

  जिंदगी चलने का ही दूसरा नाम है यारों 

आज दोस्त भारत में हर 4 मिनट में एक शख्स आत्महत्या कर रहा है, अब सवाल यह उठता है कि ऐसी कौन सी बातें हैं, जिनकी वजह से एक इंसान अपनी जान देने पर आमादा हो जाता है? मुझे लगता है कि आत्महत्या को प्रेरित करने वाले कारणों में घरेलू ,पारिवारिक, निजी और सामाजिक सभी पहलू शामिल है, जो कि आत्महत्या के लिए प्रेरित करते हैं। इन सभी कारणों को मिलाकर हम डिप्रेशन कहते हैं दोस्तों। अब आप ही देखो ना पिछले  दिन ही यूपीपीसीएस का अंतिम परिणाम आया जिसमें एक हमारे देश के होनहार अभ्यार्थी  का अंतिम रूप से चयन नहीं होने के कारण आत्महत्या कर लिया आखिर दोस्तों आज हमारे युवाओं में इतना अवसाद क्यों बढ़ता जा रहा है? कुछ महीने पहले ही भारत में आत्महत्याओं को लेकर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के ताजा आंकड़े जारी हुए थे, जिसमें यह बताया गया था कि भारत में हर 4 मिनट में एक शख्स आत्महत्या कर लेता है। अगर हम घंटे के हिसाब से बात करें तो 1 घंटे में 15 भारतीय किसी न किसी वजह से अपनी ही जान ले लेते हैं। दोस्तों आज यह बेहद ही गंभीर समस्या है । दोस्त वैसे तो डिप्रेशन के बहुत से लक्षण होते हैं, लेकिन कुछ खास लक्षणों की हम बा

मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर समस्या 

मानसिक विकार का ग्राफ पूरी दुनिया में बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है, इसका प्रमुख कारण है कि लोगों में समयाभाव व संतुष्टि की बेहद कमी का होना। मानसिक विकार का सीधा संबंध व्यक्ति की निजी भावना व सामाजिक परिदृश्य से है, इसमें विषम परिस्थिति का समावेश, जो व्यक्ति के सोचने, समझने, महसूस करने व कार्य शैली को प्रभावित करने लगती है। ज्यादातर मानसिक विकार के कारण व्यक्ति में अनेक प्रकार की बुराइयों का जन्म भी हो जाता है, जिससे व्यक्ति कुढ़न व नशे का आदी बनने लगता है। मानसिक रोगों के अंतर्गत डिमेंशिया, डिस्लेक्सिया, डिप्रेशन, भूलने की बीमारी, चिंता, आटिज्म, अल्जाइमर आदि आते हैं, जो व्यक्ति की भावनाओं, विचारों व सामाजिक व्यवहारों को बहुत ही तीव्र गति से प्रभावित व परिवर्तित कर देते हैं। मानसिक विकार को जन्म देने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका समाज व परिवार ही अदा करता है, बाकी लगभग नगण्य भूमिका में प्राकृतिक बीमारी व दुर्घटना आदि आते हैं। मानसिक विकार को लेकर वैज्ञानिकों का दावा है कि जिस तीव्र गति से यह बढ़ता जा रहा है, जल्दी ही यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी बीमारी का स्थान ले लेगी।  हालांकि मानसिक विक

क्या कोरोना के अंत की शुरुआत हो चुकी है 

विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि कोरोनावायरस महामारी 1918 के स्पेनिश फ्लू की तुलना में कम समय तक रहेगी। संगठन के प्रमुख टेड्रॉस गैब्रेसस ने गत 21 अगस्त को कहा कि यह महामारी दो साल से कम समय में  खत्म हो सकती है। इसके लिए दुनियाभर के देशों के एकजुट होने और एक सर्वमान्य वैक्सीन बनाने में सफल होने की जरूरत है। जो संकेत मिल रहे हैं उनके अनुसार जो पाँच छह उल्लेखनीय वैक्सीन परीक्षणों के अंतिम दौर से गुजर रही हैं, उनमें से दो-तीन जरूर सफल साबित होंगी। कहना मुश्किल है कि सारी दुनिया को स्वीकार्य वैक्सीन कौन सी होगी,पर डब्लूएचओ के प्रमुख का बयान हौसला बढ़ाने वाला है। इतिहास लिखने वाले कहते हैं कि महामारियों के अंत दो तरह के होते हैं। एक, चिकित्सकीय अंत। जब चिकित्सक मान लेते हैं कि बीमारी गई। और दूसरा सामाजिक अंत। जब समाज के मन से बीमारी का डर खत्म हो जाता है। कोविड-19 का इन दोनों में से कोई अंत अभी नहीं हुआ है, पर समाज के मन से उसका भय कम जरूर होता जा रहा है। यानी कि ऐसी उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं कि इसका अंत अब जल्द होगा। डब्लूएचओ का यह बयान इस लिहाज से उत्साहवर्धक है। चार महीने पहले अनु

दिव्यांगों एवं वृद्धों की सामाजिक सुरक्षा योजना 

देश के कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए भारत सरकार ने नागरिकों के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज के साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया है| इस पैकेज के माध्यम से सरकार ने समाज के अलग-अलग वर्गों की सहायता का प्रयास किया है। उद्यमियों, कारोबारियों, श्रमिकों और विभिन्न सामाजिक वर्गों की सहायता करने के पीछे सबसे बड़ा कारण यह था कि कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन का सभी वर्गों पर प्रभाव पड़ा था। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत सरकार ने 1.70 लाख करोड़ रुपये के जिस आर्थिक पैकेज की घोषणा की, उसमें गरीबों, मजदूरी करने वाली महिलाओं, शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना कर रहे व्यक्तियों और वृद्धों के लिए अलग से व्यवस्थाएं की गई हैं। ये योजनाएं विभिन्न कार्यक्रमों का हिस्सा हैं। इनमें केंद्र और राज्यों की योजनाएं भी शामिल हैं। कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के तहत असहाय व्यक्तियों का सहारा भी राज्य है। बेशक उन्हें सामाजिक संस्थाएं और निजी तौर पर अपेक्षाकृत सबल व्यक्ति कमजोरों, वंचितों और हाशिए पर जा चुके लोगों की सहायता के लिए आगे आते हैं, पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी राज्य की होती है। हमारे

सबकी मधुर जुबान है हिन्दी

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भारत मां के भव्य भाल की अरुणिम ललित ललाम है बिन्दी। भारत के गौरव गरिमा का,  एक मधुरतम गान है हिन्दी।   भारत अपना दिव्य कलेवर, उस तन का शुचि प्रान है हिन्दी। भिन्न भिन्न हैं जाति धर्म पर,  सबकी मधुर जबान है हिन्दी।   अलग-अलग पहनावे बोली, लेकिन सबका मान है हिन्दी। हर भारत वासी की समझो, आन वान औ' शान है हिन्दी।   इसमें है अभिव्यक्ति कुशलता, भारत की पहचान है हिन्दी। भारत की पहचान अस्मिता, और सदा सम्मान है हिन्दी।   प्रगति हमारी समझो इससे, भारत का उत्थान है हिन्दी। हिन्दी का समृद्ध व्याकरण,  अक्षर,स्वर विज्ञान है हिन्दी।         श्याम सुन्दर श्रीवास्तव 'कोमल'

हमारे भारत रत्न अभियंताओं  के लिए प्रेरणा है

पहिये  के आविष्कार से लेकर आधुनिक समय के ड्रोन तक, इंजीनियरों ने प्रौद्योगिकी की प्रगति और विकास के लिए महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी प्रदान किए हैं और कर रहे हैं। जैसा कि हम सभी 15 सितंबर को भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया सर के जन्मदिन के अवसर पर हम  15 सितंबर को अभियंता दिवस मतलब कि इंजीनियर्स डे मनाते हैं। दोस्तों विश्वेश्वरैया सर भारत के सबसे विपुल सिविल इंजीनियर अर्थशास्त्री और राजनेता थे। इनकी गिनती पिछली सदी के अग्रणी राष्ट्र बिल्डरों में की जा सकती है। एम विश्वेश्वरैया सर भारत के इंजीनियरिंग आइकन थे और अभी भी है। इन्होंने दोस्तों कड़ी मेहनत के साथ कई प्रणालियों को वास्तविकता में इंजीनियर किया। हम आज याद कर रहे हैं जोकि हमारे राष्ट्र के निर्माण में उनके योगदान को हम कभी नहीं भूल सकते हैं। दोस्तों इनको 1912 से 1918 तक मैसूर के दीवान के रूप में भी जाना जाता था क्योंकि वह मुख्य अभियंता थे जो मैसूर में कृष्णा राजा सागर डैम के निर्माण के लिए जिम्मेदार थे। वही हैदराबाद शहर के लिए बाढ़ सुरक्षा प्रणाली के प्रमुख डिजाइनर के रूप में उनकी भागीदारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। भारत सरका

हाइकु 

हिंदी में बिन्दी  श्रृंगार में मेहंदी     भाषा की स्कंदी |१|                                   है आर्यभाषा                                  आत्मा की परिभाषा                                  मिटे निराशा |२|   धर्म आधार  उपदेश प्रचार   मिले संस्कार |३|                                 छदं से अलंकृत                                रिश्ता संस्कृत                                है ज्ञान कृत |४|   ढोलक वजी   संगीत से है सजी  आदर में जी |५|                                भाषा लहर                                राष्ट्र की धरोहर                               है मनोहर |६| देश की शक्ति  सहज अभिव्यक्ति  मातृत्व भक्ति |७|                                  है अभिमान                               हिन्दुस्तान की शान                                बढाती मान |८|   पूर्व सैनिक  प्रमोद कुमार चौहान 

थाना ठाकुरगंज पुलिस ने शातिर किस्म के लुटेरे को किया गिरफ्तार

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लखनऊ :- पुलिस उप आयुक्त पश्चिमी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी द्वारा अपराध नियंत्रण करने तथा अपराधियों पर अंकुश लगाने हेतु अपर पुलिस उप आयुक्त पश्चिमी श्याम नारायण सिंह के निर्देशन पर काम कर रही पश्चिमी जोन पुलिस के हाथ लगी बड़ी सफलता । सहायक पुलिस आयुक्त चौक आई.पी.सिहं के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम थाना प्रभारी ठाकुरगंज राजकुमार सिहं, उ0नि0 जगदीश प्रसाद पाण्डेय, उ0नि0विनय कुमार, का0 संजीव कुमार सिंह, का0 सियाराम को एक बडी सफलता हाथ लगी । पुलिस टीम के प्रयासों के फलस्वरूप शातिर किस्म का लूटेरा सूफियान पुत्र स्व0 फुरकान निवासी वजीरबाग बडी मस्जिद थाना सआदतगंज लखनऊ को भूहर पुल के आगे से एक अदद अवैध 12 बोर तमचां मय दो अदद अवैध 12 बोर जिन्दा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया । जिसका पूर्व आपराधिक इतिहास भी है। इसी क्रम में आज पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त उपरोक्त के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कि या गया ।

भारत ने फिर किया चीन पर डिजिटल स्ट्राइक, PUBG समेत 118 चीनी ऐप्स बैन

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भारत ने 118 चीनी ऐप को बैन कर दिया है। भारत ने चीन को एक और बड़ा झटका दिया है। तीसरी बार है ये जब चीनी ऐप पर पाबंदी लगाई गई है। एलएसी पर चीनी कारस्पतानियों के बाद भारत ने पबजी समेत 118 चीनी ऐप पर पाबंदी लगाई गई। बैन किए गए चीनी ऐप को सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है। अभी तक सरकार 224 चीनी ऐप को बैन कर चुकी है।  भारत ने 29 जून को टिकटॉक समेत 58 ऐप को बैन कर दिया था। ऐप को बैन करने की वजह देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया गया था। बैन किए गए ऐप्स में शेयर इट, UC ब्राउजर, वीचैट और कैम स्कैनर जैसे कई और ऐप भी शामिल थे। इसके बाद एक बार फिर से भारत सरकार ने पिछले महीने 47 अन्य ऐप्स को भी बैन किया। इन ऐप्स के बारे में कहा गया कि ये पहले बैन किए गए 59 ऐप्स के क्लोन के तौर पर काम कर रहे हैं और इनसे यूजर्स के डेटा की सेफ्टी पर बड़ा खतरा है।   

समलैंगिक विवाह करके फतेहपुर की पूनम बनी पति व कानपुर की कोमल पत्नी

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दैनिक अयोध्या टाइम्स फतेहपुर ---समलैंगिक जोडे ने सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को दी विवाह की जानकारी फतेहपुर 31 अगस्त   फतेहपुर जनपद में पहली बार एक समलैंगिक जोड़े द्वारा दांपत्य सूत्र में बंधने की खबर ने सबको हैरान कर दिया है ।यह समलैंगिक दोनों लड़कियां कानपुर के एक मॉल में काम करती थी ।जहां से दोनों में प्रेम संबंध हो गए और उन्होंने आपस में समलैंगिक विवाह करने के बाद फतेहपुर पहुंची । अब वह हो पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं ।सामाजिक मान्यताओं के अनुसार समलैंगिक विवाह उचित नही है।यद्यपि इसे मान्यता नहीं दी जाती है किंतु सरकार द्वारा धारा 377 के तहत समलैंगिक संबंधों को मान्यता जब दे दी गई है। तो सामाजिक मान्यताओं का कोई मूल्य नहीं रह जाता है। इसी का परिणाम है कि आज फतेहपुर की लड़की ने कानपुर की एक लड़की के साथ समलैंगिक विवाह कर लिया।  प्राप्त जानकारी के अनुसार आज यह समलैंगिक जोड़ा फतेहपुर सदर कोतवाली में पहुंचा और मौजूद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवीन्द्र श्रीवास्तव को बताया कि उन्होंने एक दूसरे के साथ विवाह कर लिया है और अब पति पत्नी के रूप में साथ रह रहे हैं ।इस मौके पर दोनों लड़कियो