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Showing posts from February, 2020

क्या इसको जीना कहते हैं

भड़क रही सीने में पल- पल ,आग नफरतों की यह कैसी । दुखी हृदय सब देख विकल है ,क्या इसको जीना कहते हैं ।   भ्रष्ट हो गयी राजनीति है , भूल चुकी ईमान तभी ये, क्यों विनाश की और चले हैं,भ्रमित हुए इंसान सभी यें , होली खेलें चलो रक्त से ,चौड़ा कर सीना कहते हैं ।।   दुखी हृदय सब देख विकल है ,क्या इसको जीना कहते हैं।।   चेहरे पर चेहरा रख घूमें,हैवानों की भीड़  बढ़ी अब, अस्मत लुट जाए अबला की ,क्या जाने किस दुखद घड़ी रब , वस्त्रहीन कर जिस्म जलाकर ,रसिक ज़रा पीना कहते हैं ।।   दुखी हृदय सब देख विकल है ,क्या इसको जीना कहते हैं।।   कैसी ये आजादी पायी ,क्या अब झूमूं नाचूँ गाऊं , जाति धर्म टकराव देखकर ,या रब जिंदा ही मर जाऊं , कदर गँवा दी वही देश जो गौरों से छीना कहतें हैं ।।   दुखी हृदय सब देख विकल है ,क्या इसको जीना कहते हैं।।  

कर्मचारी चयन आयोग मार्च 2021 तक 1, 40, 000 रिक्तियों को भरेगा

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कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष श्री ब्रज राज शर्मा ने आज पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह से मुलाकात की। उन्‍होंने श्री सिंह को अवगत कराया कि आयोग मार्च 2021 तक भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/ विभागों और कार्यालयों के लिए ग्रुप-बी एवं ग्रुप सी में लगभग एक लाख चालीस हजार रिक्तियों को भरेगा। उन्होंने कहा कि गैर-तकनीकी पदों के अलावा राजपत्रित एवं अराजपत्रित दोनों तरह की रिक्‍तयों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा।       हालांकि वर्ष 2019-20 में 28-02-2020 तक आयोग भारत सरकार में 14,611 उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए सिफारिश पहले ही कर चुका है। आयोग जून 2020 तक भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/ विभागों/ कार्यालयों में 85,000 अतिरिक्त पदों को भरने के लिए परिणाम की घोषणा कर सकता है। श्री शर्मा ने बताया कि आयोग द्वारा वित्त वर्ष 2020-21 के शेष भाग में (यानी जुलाई 2020 से मार्च 2021 तक) अतिरिक्त 40,000 रिक्त पदों को भरे जाने की संभावना है। कर्मचारी चयन आयोग

सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2019-20 (सीरीज एक्‍स)- निर्गम मूल्‍य

 भारत सरकार की अधिसूचना एफ. संख्‍या (7) – डब्‍ल्‍यू एंड एम / 2019 दिनांक 30 सितंबर 2019 के संदर्भ में सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड 2019-20 (सीरीज एक्‍स ) की अवधि 02 से 06 मार्च 2020 तक खोली जाएगी। सबस्क्रिपशन अवधि के दौरान इस बॉन्ड का निर्गम मूल्य 4,260 रुपये (चार हजार दो सौ साठ रुपये) प्रति ग्राम होगा। इसकी निपटान तिथि 11 मार्च 2020 होगी जैसा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रेस विज्ञप्ति में भी 28 फरवरी 2020 को प्रकाशित किया गया है।  भारतीय रिजर्व बैंक के परामर्श से भारत सरकार ने उन निवेशकों को निर्गम मूल्य से प्रति ग्राम 50 रुपये (पचास रुपये) की छूट की अनुमति देने का फैसला किया है जो ऑनलाइन आवेदन करते हैं और भुगतान डिजिटल मोड के माध्यम से किया जाता है। ऐसे निवेशकों के लिए गोल्ड बॉन्ड का निर्गम मूल्य 4,210 रुपये (चार हजार बीस रुपये) प्रति ग्राम होगा।

श्री पीयूष गोयल थिम्पू में भूटान के नेताओं से मिले

रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल भूटान- भारत स्टार्ट-अप समिट 2020 में भाग लेने वाले एक उच्चस्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में फिलहाल भूटान में हैं। भारत और भूटान के बीच साझेदारी विशेष और समय पर परखी हुई है जो साझा सांस्‍कृतिक विरासत और लोगों से लोगों के बीच मजबूत संबंधों से पोषित आपसी समझ और सम्‍मान पर आधारित है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अगस्त 2019 में भूटान की राजकीय यात्रा ने दोनों देशों के बीच सहयोग के पारस्परिक रूप से लाभकारी क्षेत्रों में साझेदारी में कहीं अधिक गहराई और विविधता लाने के लिए नई गति दी है। श्री पीयूष गोयल ने आज भूटान के प्रधानमंत्री और भूटान के आर्थिक मामलों के मंत्री के साथ बैठक से अलग थिम्पू में भूटान के महामहिम राजा से मुलाकात की। भारत और भूटान के बीच आर्थिक साझेदारी को एक नई दिशा देने के लिए होने वाली मुलाकात और बैठकों के दौरान सीआईआई के अध्‍यक्ष श्री विक्रम किर्लोस्‍कर के नेतृत्‍व में एक उच्‍चस्‍तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल मंत्री के साथ था। इस उच्‍चस्‍तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई के चेयरयमैन श्री कृष्ण

श्री अर्जुन मुंडा ने भुवनेश्वर में स्थानीय स्वशासन में अनुसूचित जनजाति के जन प्रतिनिधियों के लिए क्षमता सृजन कार्यक्रम तथा 1000 जल स्रोत कार्यक्रमों को लॉन्च किया

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केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने आज ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक कार्यक्रम में स्थानीय स्वशासन में अनुसूचित जनजाति के प्रतिनिधियों के क्षमता सृजन के लिए कार्यक्रम लॉन्च किया। उन्होंने 1000 जल स्रोत कार्यक्रम तथा जल स्रोतों के जलविज्ञान तथा रासायनिक गुणों के साथ जीआईएस आधारित जलस्रोत (स्प्रिंग) एटलस पर ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया। इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक तथा जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह सरूता उपस्थित थीं। ओडिशा में एफआरए (एफआरए में ओडिशा की यात्रा) पर लघु वृत्तचित्र और ओडिशा का एफआरए एटलस को जारी किया गया। उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्र में जनजातीय विकास परिप्रेक्ष्य, जनजातीय भूमि का अलगाव, वन धन विकास केन्द्र तथा जनजातीय विकास अन्वेषण पर चर्चा की गई। श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि 1000 जल स्रोत कार्यक्रम का उद्देश्य देश के कठिन और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे जनजातीय सुमदाय के लिए सुरक्षित और पर्याप्त जल तक पहुंच में सुधार करना है। यह प्राकृतिक जल स्रोतों के इर्द-गिर्द एकीकृत समाधान है। इसमें पाइप पेय जल सप्लाई

श्री अमित शाह ने भुवनेश्वर में आयोजित पूर्वी आंचलिक परिषद की 24वीं बैठक की अध्यक्षता की

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केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने आज भुवनेश्वर (ओडिशा) में आयोजित पूर्वी आंचलिक परिषद की 24 वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में भाग लेने वाले अन्य गणमान्य व्यक्तियों में उपाध्यक्ष और मेजबान के रूप में ओडिशा के मुख्‍यमंत्री श्री नवीन पटनायक ,  बिहार के मुख्‍यमंत्री   श्री नीतीश कुमार ,   पश्चिम बंगाल   की मुख्‍यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी ,  झारखंड के वित्तमंत्री   श्री रमेश उरांव और केंद्र तथा राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और चक्रवाती आपदाओं के दौरान तुरंत सहायता करने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कोयले पर रॉयल्टी में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री   ने जीएसटी से आय के भुगतान में देरी और धन के हस्‍तांतरण का मुद्दा उठाया। बिहार के मुख्यमंत्री    ने गंगा नदी में बाढ़ की देखरेख के लिए राष्ट्रीय गाद प्रबंधन नीति तैयार करने के लिए कहा। बैठक को संबोधित करते हुए श्री शाह ने 24वीं बैठक में परिषद के सभी सदस्यों का स्वागत किया और उम्मीद ज़ाहिर की कि केन्द्र/राज्य और अंतर-राज्य संबंधी मुद्

जापान की साझेदारी से हम ओडिशा को इस्पात क्षेत्र में पूर्वोदय का मुख्य केंद्र बनाएंगे : श्री धर्मेंद्र प्रधान

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केन्द्रीय इस्पात और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान आज भुवनेश्वर में ‘अर्थव्यवस्था में तेजी के लिए इस्पात का उपयोग बढ़ाने की प्रक्रियाओं को सक्षम करना’ विषय पर एक कार्यशाला में भाग लिया। इस कार्यशाला का आयोजन इस्पात मंत्रालय ने जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय (एमईटीआई) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की साझेदारी से किया था। कार्यशाला में श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जापान की साझेदारी से वह ओडिशा को इस्पात क्षेत्र में पूर्वोदय का केंद्र बनाने के लिए तत्पर हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मिशन पूर्वोदय का आह्वान किया है जिससे पूर्वी भारत राष्ट्रीय विकास को गति दे रहा है और भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर कर रहा है। इस पहल के बारे में बताते हुए श्री प्रधान ने कहा कि हम भारत में इस्पात के उपयोग को बढ़ाने के बारे में विचार-विमर्श करने के लिए कई कार्यशालाओं का आयोजन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने जापान को अपने साझेदार देश के रूप में चुना है जो हमें भारतीय स्टील तंत्र को गुणात्मक और मात्रात्मक दोनों मोर्चे

प्रधानमंत्री 29 फरवरी, 2020 को 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को लॉन्च करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 29 फरवरी, 2020 को चित्रकूट में देशभर में 10,000 किसान उत्पादक संगठनों को लॉन्च करेंगे। छोटे और सीमांत किसानों की संख्या लगभग 86 प्रतिशत हैं, जिनके पास देश में 1.1 हेक्टेयर से कम औसत खेती है। इन छोटे, सीमांत और भूमिहीन किसानों को कृषि उत्पादन के दौरान भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें प्रौद्योगिकी, बेहतर बीज, उर्वरक, कीटनाशक और समुचित वित्त की समस्याएं शामिल हैं। इन किसानों को अपनी आर्थिक कमजोरी के कारण अपने उत्पादों के विपणन की चुनौती का भी सामना करना पड़ता है।       एफपीओ से छोटे, सीमांत और भूमिहीन किसानों के सामूहीकरण में सहायता होगी, ताकि इन मुद्दों से निपटने में किसानों की सामूहिक शक्ति बढ़ सकें। एफपीओ के सदस्य संगठन के तहत अपनी गतिविधियों का प्रबंधन कर सकेंगे, ताकि प्रौद्योगिकी, निवेश, वित्त और बाजार तक बेहतर पहुंच हो सके और उनकी आजीविका तेजी से बढ़ सके।        पीएम-किसान के एक साल पूरे        इस अवसर पर पीएम-किसान योजना के लॉन्च होने का एक वर्ष पूरा हो जाने के मद्देनजर आयोजन भी किया जाएगा। मोदी सरकार ने किसानों के आय समर्थन के रूप

राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह में 21 विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए

राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने देश के वैज्ञानिक उद्यम की गुणवत्ता और प्रासंगिकता बढ़ाने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे विज्ञान को लोगों के विकास और भलाई के लिए काम करना चाहिए। आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में राष्ट्रपति ने शिक्षा तथा अनुसंधान संस्थानों में लैंगिक विकास और समानता के लिए तीन प्रमुख कार्यक्रमों की घोषणा की। इस वर्ष के राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का विषय है  “विज्ञान में महिलाएं” विज्ञान ज्योति कार्यक्रम हाईस्कूल में पढ़ने वाली मेधावी लड़कियों को उच्च शिक्षा में विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग तथा गणित (एसटीईएम) की पढ़ाई जारी रखने में बराबरी का अवसर प्रदान करेगा। संस्थानों को बदलने के लिए लैंगिक विकास (जीएटीआई) से विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग तथा गणित (एसटीईएम) में लैंगिक समानता के मूल्यांकन के लिए विस्तृत चार्टर और रूपरेखा विकसित करेगा। महिलाओं के लिए विज्ञान तथा टेक्नोलॉजी समाधानों का ऑनलाइन पोर्टल महिला विशेष सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों, फेलोशिप तथा केरियर काउंसलिंग से संबंधित ई-संसाधन उपलब्ध कराएगा। इसमे

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बालाकोट हवाई हमला एक संदेश था कि सीमा पार आतंकवाद शत्रु के लिए एक सस्‍ता विकल्प नहीं होगा

2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट हवाई हमले केवल सैन्य हमले ही नहीं थे बल्कि शत्रु के लिए एक मजबूत संदेश थे कि सीमा पार से आतंकवादी बुनियादी ढांचे का भारत के खिलाफ सस्‍ती जंग छेड़ने के लिए एक सुरक्षित शरण स्‍थल के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। यह बात रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज बालाकोट हवाई हमले की पहली वर्षगांठ के अवसर पर ‘सेंटर फॉर एयर पावर स्टडीज’ द्वारा आयोजित ‘युद्ध नहीं, शांति नहीं परिदृश्‍य में वायु शक्ति’ नामक एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही।       देश की सेवा में सशस्‍त्र बलों के बलिदान का स्‍मरण करते हुए और पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्‍होंने कहा कि देश शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।       उन्‍होंने कहा कि बालाकोट हवाई हमलों में भारत द्वारा दर्शायी गई जबरदस्‍त प्रतिक्रिया में नियंत्रण रेखा के पार अनेक सिद्धांतों को दोबारा लिखने के लिए मजबूर किया और यह बताया कि शत्रु को भविष्‍य में ऐसा दुस्‍साहस करने के लिए सौ बार सोचना होगा। उन्‍होंने कहा कि इन हमलों में भारत की रक्षा क्षमता का प्रदर्शन हुआ है और आतंकवाद के ख

एसिम्‍प्‍टोमैटिक मलेरिया के लिए निदान

जैव प्रौद्योगिकी विभाग के भुवनेश्वर स्थित संस्‍थान इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (आईएलएस) और बेंगलूरु के जिग्‍सॉ बायो सॉल्यूशंस के वैज्ञानिकों की एक संयुक्त टीम के कारण मलेरिया के खिलाफ लड़ाई आसान हो सकती है।यह टीम एक ऐसी पद्धति तैयार कर रही है जो इस रोग स्‍पर्शोन्‍मुख (एसिम्‍प्‍टोमैटिक) वाहककी पहचान न होने की समस्या को दूर करने का भरोसा देती है। इस रोग की जांच के लिए सामूहिक जांच एवं उपचार कार्यक्रमों में और मलेरिया नियंत्रण के उपायों की निगरानी में माइक्रोस्कोपी और प्रोटीन प्रतिरक्षा आधारित रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) का उपयोग किया जाता है। हालांकि इसके तहत करीब 30 से 50 प्रतिशत कम घनत्‍व वाले संक्रमण छूट जाते हैं जिसमें आमतौर पर दो परजीवी/ माइक्रोलीटर होते हैं। इन्‍हें अक्सर स्पर्शोन्मुख वाहक में देखे जाते हैं जो संक्रमण के मूक भंडार के रूप में कार्य करते हैं और वे मच्छरों के माध्यम से रोग को संक्रमित करने में समर्थ होते हैं। स्थानिक क्षेत्रों में स्पर्शोन्मुख वाहक की पहचान मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रमों की एक प्रमुख बाधा मानी जाती है। इसके लिए अधिक संवेदनशीलता के साथ नए नैदानिक

सेंटर फॉर एयर पॉवर स्टडीज और भारतीय वायुसेना की अनुरक्षण कमान ने संयुक्त रूप से नई दिल्ली के वायुसेना स्टेशन तुगलकाबाद में ‘भारत के समक्ष उभरती खतरनाक चुनौतियां’ पर गोष्ठी का आयोजन किया

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 सेंटर फॉर एयर पॉवर स्टडीज (सीएपीएस) और भारतीय वायुसेना की अनुरक्षण कमान (एमसी-आईएएफ) ने संयुक्त रूप से नई दिल्ली के वायुसेना स्टेशन तुगलकाबाद में 25 फरवरी, 2020 को ‘चैलेंजेस ऑफ द इवॉल्विंग थ्रेट्स फेसिंग इंडिया’ (भारत के समक्ष उभरती खतरनाक चुनौतियां) पर गोष्ठी का आयोजन किया। इस गोष्ठी में वायुसेना के अनुरक्षण कमान की इकाईयों के अधिकारियों तथा सेंटर फॉर एयर पॉवर स्टडीज के विशिष्ट वरिष्ठ शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। एयर मार्शल शशिकर चौधरी एवीएसएम वीएसएम एमसी-आईएएफ के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ ने आयोजन का उद्घाटन किया।       गोष्ठी में तीन सत्र हुए। उद्घाटन सत्र की शुरूआत सीएपीएस के महानिदेशक एयर मार्शल के.के. नोहवार पीवीएसएम, वीएम (सेवानिवृत्त) के संबोधन से हुई। इस सत्र में ‘पोलिटीको-मिलिट्री एनवायर्मेंट विथ रेस्पेक्ट ऑफ इंडिया-चाइना रिलेसन्स पोस्ट वुहान एंड महाबलीपुरम’ पर चर्चा की गई। इस विषय पर श्री जयदेव रानाडे ने प्रकाश डाला। सीएपीएस की विशिष्ट फेलो डॉ. शालिनी चावला ने ‘इंडिया-पाकिस्तान रिलेसन्स पोस्ट-बालाकोट एंड एब्रोगेशन ऑफ आर्टिकल-370’ पर व्याख्यान दिया। दूसरे सत्र में ‘न्यू चैले

सूक्ष्मजीवों से जैव ईंधन

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इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्‍नोलॉजी (आईसीजीईबी) के शोधकर्तासिनेकोकोकस विशेष नाम पीसीसी 7002 नामक एक समुद्री सूक्ष्मजीव की वृद्धि दर और उसमें शर्करा की मात्रा में सुधार के लिए एक विधि तैयार कर रहे हैं। इससे जैव ईंधन क्षेत्र को बढ़ावा मिल सकता है। जैव-ईंधन उत्पादन सहित अधिकतर जैव-प्रौद्योगिकीय प्रक्रियाएंकम लागत और शर्करा एवं नाइट्रोजन स्रोत से निर्वाध आपूर्ति की उपलब्धता पर निर्भर हैं। शर्कराआमतौर पर पौधों से आती है। पौधे प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया के माध्यम से वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड को शर्करा, प्रोटीन और लिपिड जैसे जैविक घटकों में परिवर्तित करने के लिए प्रकाश ऊर्जा का उपयोग करते हैं। हालांकिकुछ बैक्टीरिया, जैसे साइनोबैक्टीरिया (जिसे नीले-हरे शैवाल के रूप में भी जाना जाता है), भी प्रकाश संश्लेषण कर सकते हैं और वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड को ठीक करके शर्कराका उत्पादन कर सकते हैं। साइनोबैक्टीरिया से शर्करा की उपज संभावित रूप से भूमि आधारित फसलों की तुलना में बहुत अधिक हो सकती है। इसके अलावा, पौधे-आधारित शर्करा के विपरीतसाइनोबैक्टीरियल बायोमास प्रोटीन के

पिगमेंटरी डिसऑर्डर पर शोध को बढ़ावा देने के लिए 3.6 करोड़ रुपये का अनुदान

पिगमेंटरी डिसऑर्डर यानी वर्णक विकारों की समस्या को समझने के लिए किए जा रहे अध्ययन को वेलकम ट्रस्ट/ डीबीटी इंडिया गठबंधन के जरिये जबरदस्‍त शॉट मिलने की उम्मीद है। यह गठबंधन जैव प्रौद्योगिकी के लिए फरीदाबाद स्थित क्षेत्रीय केंद्र के सहायक प्रोफेसर डॉ. राजेन्द्र के. मोतीयानी पर एक इंटरमीडिएट फेलोशिप पुरस्कार प्रदान करता है। इस पुरस्कार में पांच वर्षों की अवधि के लिए 3.60 करोड़ रुपये का अनुदान शामिल है। शारीरिक वर्णकता एक महत्वपूर्ण रक्षा तंत्र है जिसके द्वारा त्वचा को हानिकारक यूवी विकिरणों से बचाया जाता है। अकुशल वर्णकता त्वचा के कैंसर का कारण बनता हैजो दुनिया भर में कैंसर से जुड़ी मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है। इसके अलावा, वर्णक विकार (हाइपो और हाइपर पिगमेंटरी दोनों) एक सामाजिक कलंक माना जाता है और इसलिए वह लंबी अवधि के लिए मनोवैज्ञानिक आघात पहुंचाता है और रोगियों के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को प्रभावित करता है। वर्तमान चिकित्सीय रणनीतियां वर्णक विकारों को दूर करने में कुशल नहीं हैं। इस पुरस्कार के तहत शुरू की जाने वाली यह अनुसंधान परियोजना का उद्देश्‍यलक्ष्य करने योग्य उन नोवल मॉलि

राष्‍ट्रपति ने कहा कि आइए हम अपने वैज्ञानिक उद्यम की गुणवत्‍ता और प्रासंगिकता बढ़ाने का संकल्‍प लें

राष्‍ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने अपने वैज्ञानिक उद्यम की गुणवत्ता और प्रासंगिकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्‍होंने कहा कि हमारे विज्ञान को देश के लोगों के विकास और भलाई में योगदान देकर जनता के लिए काम करना चाहिए। श्री कोविंद विज्ञान और प्रौ‍द्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा आज नई दिल्‍ली में आयोजित राष्‍ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।   राष्‍ट्रप‍ति ने कहा कि हमें अपने विश्‍वविद्यालय और प्रयोगशाला  में सभी उपकरणों, ज्ञान, मानव शक्ति और बुनियादी ढांचे के साथ विज्ञान और वास्‍तव में समाज के सभी हितधारकों तक पहुंचने का लक्ष्‍य निर्धारित करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि यह जानकर खुशी हुई कि कॉरपोरेट सामाजिक जिम्‍मेदारी की तर्ज पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग भी वैज्ञानिक सामाजिक जिम्‍मेदारी की अवधारणा को विकसित कर रहा है और इसे नीति में शामिल कर रहा है। इस नीति में वैज्ञानिक बुनियादी ढांचा साझा करने कॉलेज के संकाय को परामर्श देना, अनुसंधान संस्‍कृति को बढ़ावा देना और शीर्ष प्रयोगशालाओं में युवा छात्रों की यात्राओं का आयोजन करना शामिल हैं। राष्‍ट्रपति ने कहा कि राष्‍ट्रीय विज्ञा

उपराष्ट्रपति ने वास्तुकारों से कहा कि अपनी योजनाओं में संरक्षण और निरंतरता का ध्यान रखें

उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने आज सभी वास्तुकारों और शहरी योजनाकारों से आग्रह किया कि वे अपनी योजनाओं के लिए संरक्षण और निरंतरता पर विशेष ध्यान दे। उन्होंने कहा कि निर्माण वातावरण में सुधार लाने के लिए परम्परा तथा प्रौद्योगिकी का समायोजन करें तथा दीर्घकालीन विकास की दिशा में काम करें। तमिलनाडु के मामल्लपुरम में वास्तुशिल्प और मूर्तिकला कॉलेज के छात्रों से बातचीत करते हुए श्री नायडू ने उनसे आग्रह किया कि वे देश की मूल्यवान संस्कृति और विरासत को प्रोत्साहन देने और उसकी सुरक्षा करने का प्रयास करे। उन्होंने कहा कि छात्रों को पारम्परिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए।       मामल्लपुरम के विश्व धरोहर स्थल का उल्लेख करते हुए श्री नायडू ने कहा कि यह स्थान भारत की महान परम्परा का परिचायक है तथा मामल्लपुरम की पल्लव मूर्तिकारी और तटीय मंदिर, रथ मंदिर, गुफा मंदिर तथा अर्जुन का प्रायश्चित या गंगा अवतरण शैल वास्तुकला का शानदार नमूना होने के साथ-साथ दुर्लभ गरिमा को भी प्रदर्शित करते हैं।       उपराष्ट्रपति ने कहा कि वास्तुशिल्प और मूर्तिकला कॉलेज इससे बेहतर स

आपस में मिल-जुलकर रहें 

1947 के बंटवारे का दर्द वो ही समझ सकते हैं, जिन्होंने उस दर्द को स्वयं सहा है | अगर हम समझ पाते तो आज हम सब भारतीय होते न कि गुजराती, मराठी, पंजाबी, बिहारी, दक्षिणी-पश्चिमी, उत्तरी... | आजादी के बाद भी हमने आजाद भारत में तमाम दंगे किये हैं | कभी राजनीति के शिकार होकर तो कभी धर्म में अंधे होकर | राम-रहीम की लड़ाई में मानवता कब दफन हो गई पता भी नहीं चला | क्या भारत की नई पीढ़ी जानती है कि 1947 के दंगे कितने भीभत्स, भयानक थे | कत्ल, मारकाट, बलात्कार जैसे घिनौने कुकर्म किये गये वो भी सौ - दो सौ की संख्या में नहीं हजारों हजार की संख्या में, अपहरण, लूट, विश्वासघात, धर्मांतरण की ऐसी आँधी आई थी उस दौर में, जिन लेखकों ने उस बंटवारे की घटना का जिक्र किया है वे रो-रोकर ही लिख पाये |  बंटवारे की हैवानियत का सबसे बड़ा शिकार पंजाब हुआ था | उस दंगे में इंसान ही इंसान के खून का प्यासा हो गया था | दहशत भरे उस काल में करीब 10 लाख से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था | क्या हम बीते खूनी इतिहास से कुछ सीख लेंगे | आपको बतादें कि बंटवारे के जिम्मेदार हमारे देश के ही कुछ स्वार्थी नेता थे | और आज भी

केंद्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली में कानून और व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया

केंद्रीय गृह मंत्री, श्री अमित शाह ने दिल्ली के उत्‍तर-पूर्वी जिले में हाल में हुए दंगों के मद्देनजर कानून और व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के लिए एक समीक्षा बैठक की। बैठक में अन्‍य लोगों के अलावा केन्‍द्रीय गृह सचिव, दिल्ली के पुलिस आयुक्‍त और विशेष पुलिस आयुक्‍त, कानून और व्यवस्था शामिल हुए। श्री शाह ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और और न ही साम्प्रदायिक तनाव फैलाने में दिलचस्पी लेने वाले उपद्रवी तत्वों और समूहों के नापाक इरादों का शिकार बनें। दिल्ली के 203 पुलिस थानों (भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 4.2%) में से केवल 12 पुलिस थाने इन दंगों से प्रभावित हुए हैं, जबकि राष्ट्रीय राजधानी में अन्‍य स्‍थानों पर सामान्य स्थिति और सांप्रदायिक सद्भाव बना हुआ है। दिल्ली पुलिस को समाज के सभी वर्गों को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश है और वह इसके लिए बाध्य है। समीक्षा बैठक की प्रमुख बातें: उत्‍तर-पूर्वी जिले के किसी भी प्रभावित पुलिस स्टेशन में पिछले 36 घंटों में कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। जमीनी स्थिति में सुधार को देखते हुए धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा में कल कुल

प्रधानमंत्री ने राष्‍ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर वैज्ञानिकों को बधाई दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने राष्‍ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर वैज्ञानिकों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा, ‘‘राष्‍ट्रीय विज्ञान दिवस हमारे वैज्ञानिकों की प्रतिभा और दृढ़ता का अभिवादन करने का अवसर है। अविष्‍कार करने के उनके जोश और पथप्रदर्शक अनुसंधान ने भारत और दुनिया की सहायता की है। मेरी कामना है कि भारतीय वैज्ञानिक लगातार कामयाब होते रहें और हमारे युवा मस्तिष्‍क विज्ञान के प्रति अधिक जिज्ञासा रखें।   भारत में अनुसंधान और नई खोजों के लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए हमारी तरफ से, सरकार अनेक प्रयास कर रही है। इस वर्ष के शुरू में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के दौरान मैंने विज्ञान से जुड़े पहलुओं की चर्चा की थी। उन्‍हें मैं फिर साझा कर रहा हूं। ’’

श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद सोसायटी की 91वीं वार्षिक आम बैठक की अध्यक्षता की

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि सहकारी खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार जल्द ही दस हजार नए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का पंजीकरण करेगी। आज यहां भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) सोसाइटी की 91वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक एफपीओ को बुवाई, कटाई से लेकर वितरण और विपणन तक खेती से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए 15 लाख रुपये की राशि प्रदान करने के लिए बजटीय प्रावधान किया गया है। श्री तोमर जो आईसीएआर सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के तहत मिशन मोड के अंतर्गत 53 करोड़ मवेशियों और बकरियों का टीकाकरण करने के लिए एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रव्यापी योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा मत्स्य पालन, निर्यात और दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि मंत्री ने सरकारी योजनाओं के व्यापक प्रसार का भी आह्वान किया ताकि किसानों के बीच लाभ सबसे निचले स्तर पर पहुंच जाए। उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए प

भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र ने समुद्र आधारित उपयोगकर्ताओं के लिए तीन नए उत्पाद जारी किए

हैदराबाद स्थित भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) ने अपने विविध उपयोगकर्ताओं की सुविधा के लिए तीन नए उत्पाद जारी किए हैं। आईएनसीओआईएस समुद्री क्षेत्र में उपयोगकर्ताओं के लिए कई निःशुल्क सेवाएं प्रदान करता है। ये संस्थान पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संगठन है। भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र अपने विविध उपयोगकर्ता समुदाय से विशिष्ट सेवाओं के लिए मिले अनुरोधों को वरीयता देता है। इस समुदाय में मछुआरों से लेकर अपतटीय तेल अन्वेषण उद्योग तक शामिल हैं। इन नए उत्पादों में से एक है 'लघु पोत एडवाइज़री और पूर्वानुमान सेवा प्रणाली' (स्मॉल वेसल एडवाइज़री एंड फोरकास्ट सर्विसेज़ सिस्टम - एसवीएएस)। इसे कई छोटे समुद्री जहाजों, विशेष रूप से मछली पकड़ने वाले जहाजों के परिचालन में सुधार के लिए लाया गया है जो भारत के तटीय जल में विचरण करते हैं। इस दौरान 'स्वेल सर्ज फोरकास्ट सिस्टम' भी लॉन्च किया गया जो भारत की विशाल तटरेखा के पास बसी आबादी के लिए पूर्वानुमान प्रदान करेगा, जो उन लहरों के उफान के चलते कई तरह के नुकसान का सामना करती है। ये लहरें स

यू0पी0जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ब्लॉक बाजार शुकुल की कार्य कारणी गठित।

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तहसील अध्यक्ष उपजा प्रदीप सिंह की अध्यक्षता में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 27 फरवरी  2020 दिन गुरुवार को बाजार शुकुल ब्लाक में सम्मानित पत्रकार साथियों की एक बैठक की गयी।जिसमें सर्वसम्मति से ब्लाक अध्यक्ष सरजू प्रसाद तिवारी, उपाध्यक्ष विक्रम भदौरिया ,महा मंत्री रामफेर यादव ,तथा राजेश कुमार पाल को कोषाध्यक्ष सदस्य महफ़ूज अहमद, सुरजीत यादव को मनोनीत किया गया। कार्यकारिणी के गठन पर उपजा के प्रदेश अध्यक्ष रतन दिक्षित ने दूरभाष पर सभी को बधाई दी है।इस अवसर पर उपजा के प्रदेश कार्य कारिणी सदस्य पवन कुमार तिवारी तहसील उपाध्यक्ष विजय कुमार सिंह, तहसील महा मंत्री कुमैल रिजबी,व कोषाध्यक्ष समर बहादुर सिंह मौजूद रहे। उपस्थित सभी पत्रकार साथियों ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी है।       

ठेका सफाई कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं :- सलविंदर विराट

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दैनिक अयोध्या टाइम्स संवाददाता, रामपुर-उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें ठेका सफाई कर्मचारियों के 2 माह के वेतन ना मिलने पर नाराजगी जताई। शीघ्र ही वेतन देने की मांग की। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के वरिष्ठ नेता सलविंदर विराट ने इस मौके पर कहा एक फर्जी कंपनी ने नगर पालिका परिषद रामपुर में सफाई कर्मियों की फर्जी भर्ती कर हर व्यक्ति से पांच ₹500 की फर्जी रसीदें काटती है।और यह लोग दो माह से कड़ी मेहनत के साथ सफाई का कार्य कर रहे हैं। लेकिन इन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। जिसका जिम्मेदार पालिका प्रशासन है।वरिष्ठ नेता सलविंदर विराट ने कहा कि नगर पालिका परिषद जल्द से जल्द ऐसी कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। और 2 माह से लंबित वेतन देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में सलविंदर विराट, राजीव शर्मा, महफूज अहमद,अर्जुन वाल्मीकि, नीरज गर्ग, आदि लोग उपस्थित रहे।

स्वीडन के संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग का दौरा किया

 स्वीडन की संसद रिक्सदग में संविधान समिति के दस सदस्यीय सांसद प्रतिनिधिमंडल ने आज निर्वाचन आयोग का दौरा किया। रिक्सदग में संविधान समिति की अध्‍यक्ष और सांसद सुश्री करिन एनस्ट्रोम के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ दो संसदीय अधिकारी और नई दिल्ली में स्वीडन दूतावास के दो राजनयिक भी थे।  प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त श्री सुनील अरोड़ा और चुनाव आयुक्तों श्री अशोक लवासा और श्री सुशील चंद्रा से मुलाकात की। मुख्य चुनाव आयुक्त श्री सुनील अरोड़ा ने स्वीडन के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। अपने संबोधन में  उन्होंने कहा कि आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण, समावेशी, सुलभ, नैतिक और सहभागी चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारत में हुए पिछले राष्ट्रीय चुनावों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के आधुनिक साधनों का उपयोग करते हुए  पिछले लोकसभा चनावों और हाल ही में संपन्‍न राज्‍य विधान सभा चुनावों में चुनावी  प्रक्रिया को बाधामुक्‍त और मतदाताओं के अनुकूल बनाने के लिए कई नवीन उपाय किए गए। उन्होंने कहा कि दिव्‍यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मतदान

पूर्वोत्तर दीर्घकालिक विकास लक्ष्य सम्मेलन 2020 – दूसरा दिन

पूर्वोत्तर दीर्घकालिक विकास लक्ष्य (एसडीजी) सम्मेलन - 2020 गुवाहाटी में चल रहा है। सम्मेलन के दूसरे दिन चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें सभी 8 पूर्वोत्तर राज्यों की सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ केन्द्र सरकार के अधिकारी, शिक्षाविद, नागरिक समाज संगठनों, विचारकों और वित्तीय संस्थानों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। पूर्वोत्तर क्षेत्र में एसडीजी : स्थानीयकरण और उपलब्धि के मार्ग  पर आयोजित पहले सत्र की अध्यक्षता असम सरकार के पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में सचिव डॉ. इंद्रजीत सिंह ने की। मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी सत्र में दल के सदस्य थे। देश में एसडीजी के स्थानीयकरण की मौजूदा वास्तविकता की पृष्ठभूमि में, पूर्वोत्तर राज्य के प्रयासों और उपलब्धियों को सामने रखा गया। सत्र एसडीजी और संबंधित लक्ष्यों को पूर्वोत्तर क्षेत्र के संदर्भ में प्राप्त करने के संबंध में भविष्य की कार्य योजना के साझा परिप्रेक्ष्य के साथ सम्पन्न हुआ। ड्राइवर्स ऑफ इकोनॉमिक प्रॉस्पेरिटी एंड सस्टेने

श्री गंगवार ने काकीनाड़ा, आंध्र प्रदेश में 100 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पताल की आधारशिला रखी

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श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संतोष कुमार गंगवार ने आज (26 फरवरी, 2020) काकीनाड़ा, आंध्र प्रदेश में 100 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पताल की आधारशिला रखी। आंध्र प्रदेश के श्रम और रोजगार, प्रशिक्षण और फैक्ट्री मंत्री श्री घुमानूर जयराम इस समारोह में मुख्य अतिथि थे। समारोह की अध्यक्षता काकीनाड़ा से सांसद श्रीमती वंगा गीता ने की। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के उप-मुख्य मंत्री और राजस्व, स्टैम्प और पंजीकरण मंत्री श्री पिल्ली सुभाष चंद्र बोस, सामाजिक कल्याण मंत्री श्री पीनिपी विश्वरूप, कृषि और सहकारी विपणन खाद्य प्रसंस्करण मंत्री कुरुसाला कन्नाबाबू, काकीनाड़ा नगर निगम की महापौर श्रीमती सुंकारा पावणि, विधान पार्षद श्री चिक्काला रामचंद्र राव, काकीनाड़ा के विधायक श्री द्वरमपुद्दी चंद्रशेखर रेड्डी और ईएसआईसी के चिकित्सा आयुक्त डॉ. आर. के. कटारिया मौजूद थे। समारोह के दौरान श्री गंगवार ने भारत के कामगारों की बेहतर देख-रेख और सेवाएं प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईएसआई योजना के तहत योगदान की दरें कम की गई हैं और अटल बीमित व्यक्ति

अप्रैल, 2020 में राज्‍य सभा से सेवानिवृत्‍त होने वाले 55 सांसदों की रिक्‍त सीटों को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव

17 राज्‍यों से निर्वाचित राज्‍य सभा के 55 सदस्‍यों या सांसदों का कार्यकाल अप्रैल 2020 में सेवानिवृत्‍त होने पर समाप्‍त हो जाएगा जिनका विवरण नीचे दिया गया है:    क्र. सं . राज्‍य सीटों की संख्‍या सेवानिवृत्ति की तिथि   महाराष्‍ट्र 7 02.04.2020     ओडिशा 4   तमिलनाडु 6   पश्चिम बंगाल 5   आंध्र प्रदेश 4 09.04.2020     तेलंगाना 2   असम 3   बिहार 5   छत्तीसगढ़ 2   गुजरात 4   हरियाणा 2   हिमाचल प्रदेश 1   झारखंड 2   मध्‍य प्रदेश 3   मणिपुर 1   राजस्‍थान 3   मेघालय 1 12.04.2020   उपर्युक्‍त रिक्तियों का विवरण अंग्रेजी में ‘ अनुलग्‍नक-ए’  (हाइपरलिंक) में दिया गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने निर्णय लिया है कि राज्‍य सभा के लिए उपर्युक्‍त द्विवार्षिक चुनाव निम्‍नलिखित कार्यक्रम के अनुसार होंगे: क्र .

अमेरिका के राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड ट्रंप की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का प्रेस वक्तव्य

मेरे मित्र और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump, अमेरिकी delegation के सम्मानित सदस्य गण, Ladies and gentlemen, नमस्कार। राष्ट्रपति ट्रम्प और उनके डेलीगेशन का भारत में एक बार फिर हार्दिक स्वागत है। मुझे विशेष ख़ुशी है की इस यात्रा पर वो अपने परिवार के साथ आए हैं। पिछले आठ महीनों में राष्ट्रपति Trump और मेरे बीच ये पाँचवी मुलाक़ात है। कल मोटेरा में राष्ट्रपति Trump का unprecedented और historical welcome हमेशा याद रखा जाएगा। कल ये फिर से स्पष्ट हुआ कि अमेरिका और भारत के संबद्ध सिर्फ दो सरकारों के बीच नहीं हैं, बल्कि people-driven हैं, people-centric हैं। यह संबंध, 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण पार्टनरशिप्स में है। और इसलिए आज राष्ट्रपति Trump और मैंने हमारे संबंधों को Comprehensive Global Strategic Partnership के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है। संबंधों को इस मुकाम तक लाने में राष्ट्रपति Trump का अमूल्य योगदान रहा है। Friends, आज हमारी चर्चा में हमने इस partnership के हर अहम पहलू पर सकारात्मक विचार किया - चाहे वो defence and security हो, एनर्जी में strategic partnership हो, टेक्

डॉ.हर्षवर्धन ने नोवेल कोरोना वायरस से बचाव के उपायों और तैयारियों की समीक्षा की

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देश में नोवेल कोरोना वायरस से निपटने के उपायों और तैयारियों की समीक्षा की। डॉ हर्षवर्धन को इस बात से अवगत कराया गया कि वर्तमान में, देश के सभी 21 हवाई अड्डों, 12 बड़े और 65 छोटे बंदरगाहों तथा सीमाओं पर यात्रियों की जांच की जा रही है। अब तक सभी 4,214 उड़ानों और 4,48,449 विमान यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इसके अलावा  उन्‍हें विदेश मंत्रालय के हवाले से यह भी जानकारी दी गई कि वुहान से और भारतीय नागरिकों को लाने के लिए वायुसेना का विशेष विमान 26 फरवरी को भेजने की जाने की योजना है। यह वुहान से लोगों को लेकर 27 फरवरी को वापस आएगा। कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने के लिए अब तक 2,707 नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से केवल 3 (केरल) लोगों के नतीजे ही पॉजीटिव रहे। उन्‍हें भी इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब वे घर पर हैं। वुहान से लाए गए सभी भारतीय नागरिकों की जांच की गई और उनके नतीजे ने‍गेटिव रहे। इन सभी लोगों के लिए अलग व्‍यवस्‍था की गई थी पर अब इनको घर व

इस्पात मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक

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इस्पात मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक आज नई दिल्ली में हुई। इस्पात और पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने ‘स्टील क्लस्टर डेवलपमेंट’ विषय पर बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते और सासंद श्री विजय बघेल, चंद्रप्रकाश चौधरी, जनार्दन सिंह सिगरीवाल, बिद्युत बरन महतो, सप्तगिरी संकर उलाका, अखिलेश प्रताप सिंह, सतीश चन्द्र दूबे और नरेन्द्र सिंह स्वैन ने भी हिस्सा लिया। सदस्यों का स्वागत करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि इस्पात भारत के औद्योगिकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, क्योंकि यह महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे बुनियादी ढांचा, विनिर्माण और मोटर वाहन के लिए एक प्रमुख निविष्टि है। भारतीय इस्पात की क्षमता धीरे-धीरे बढ़कर 142 एमटीपीए हो गई है और देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक बन गया है। वर्ष 2024-25 तक इस्पात का कुल उपभोग करीब 160 एमटीपीए तक पहुंचने की उम्मीद है और सरकार इस्पात के घरेलू उत्पादन और उपभोग को बढ़ावा दे रही है। इस्पात के कुल उत्पादन में करीब 55 प्रतिशत योगदान गौण इस्पात उत्पादकों का है और यह म

मंत्रिमंडल ने इंडिया पोर्ट्स ग्‍लोबल लिमिटेड (आईपीजीएल) को डीपीई दिशानिर्देशों में छूट देने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंडिया पोर्ट्स ग्‍लोबल लिमिटेड (आईपीजीएल) के लिए आरक्षण एवं सतर्कता नीतियों को छोड़कर डीपीई दिशानिर्देशों में छूट देने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दी है।             आईपीजीएल की स्‍थापना ईरान में चाबहार के शाहिद बेहेस्‍ती बंदरगाह के विकास एवं प्रबंधन के लिए जहाजरानी मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) और दीनदयाल पोर्ट ट्रस्ट (डीपीटी) [पूर्व में कांडला पोर्ट ट्रस्ट (केपीटी)] के संयुक्त रूप से प्रवर्तित एक विशेष उद्देशीय कंपनी के रूप में कंपनी अधिनियम 2013 के तहत की गई थी।         व्‍यापक संयुक्त कार्य योजना (जेसीपीओए) से संयुक्त राज्य अमेरिका हटने के बाद विदेश मंत्रालय ने 29 अक्टूबर 2018 को जहाजरानी मंत्रालय को सलाह दी थी कि जेएनपीटी और डीपीटी को अमेरिकी प्रतिबंधों के संभावित प्रभाव से बाहर किया जाए।       इसके आधार पर और अधिकार प्राप्त समिति के अनुमोदन के साथ जेएनपीटी एवं डीपीटी के सभी शेयरों की खरीदारी सागरमाला डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एसडीसीएल) द्वारा 17 दिसंबर, 2018 को की गई

डीबीटी स्थापना दिवस समारोह 

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय का जैव प्रौद्योगिकी विभाग 26 फरवरी, 2020 को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (एनआईआई) में अपना 34वां स्थापना दिवस मनाएगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे और पुरस्कार प्रदान करेंगे। अपने अस्तित्व में आने के बाद विभाग ने देश भर में विभिन्न स्तरों पर विभिन्न अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों, वैज्ञानिक संगठनों, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं आदि में कार्यरत वैज्ञानिकों के योगदान को प्रोत्साहित करने और उसे पहचान प्रदान करने के लिए विभिन्न पुरस्कारों की शुरूआत की। डीबीटी द्वारा शुरू किए गए विभिन्न पुरस्कारों को अब समग्र रूप से डीबीटी ब्राइट (बायोटेक्नोलॉजी, रिसर्च इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी एक्सीलेंस पुरस्कार) के नाम से जाना जाता है। विभाग ने भारतीय विज्ञान को उल्लेखनीय योगदान देने वाले देश के कुछ ऐसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के सम्मान में कुछ पुरस्कारों को नया नाम दिया है, जो दुनिया भर में वैज्ञानिक समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। डीबीटी ब्राइट पुरस्कार में डीबीटी द्वार