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Wednesday, May 13, 2020

""अमेरिका चीन के बीच कोल्ड वार व भारत की आर्थिक पैकेज"

कोरोना वायरस की वजह से जारी लॉकडाउन से पस्त आम जनता और त्रस्त उद्योग जगत को जिस भरोसे की जरूरत थी उसे पूरा करने के लिए भारत सरकार ने पहल की देश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ कोरोना  संकट से भी निपटने की राह के तरफ बढ़ते हुए भारत सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की हैं साथ ही भावी  कदमों का संकेत दिया जो आने वाले वर्षों में ना केवल देश के आर्थिक ढांचे को बदलने वाला होगा बल्कि इसका व्यापक कूटनीतिक असर भी देखने को मिलेगा दोस्तों इस वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है दुनियाभर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रहे दोस्तों जैसा कि प्रधानमंत्री कहे कि ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक , किसान के लिए है जो हर स्थिति हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहा है और मध्यम वर्ग  के लिए है जो इमानदारी से टैक्स देता है देश के विकास में अपना योगदान देते हैं बहुत ही सराहनीय पहल है अगर इसका क्रियान्वयन नैतिकतापूर्ण ईमानदारी से किया जाए तो वहीं दूसरी तरफ दोस्तों जिस प्रकार आज इस वैश्विक महामारी में विकसित देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है जैसा कि पिछले दिनों अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता तनाव कहीं ना कहीं वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक है दोस्तों अमेरिका और चीन के बीच जारी कोल्ड वार में पाकिस्तान बुरी तरह उलझता दिखाई दे रहा है कोरोना के कहर से बचने के लिए पाक के पास ना तो टेस्ट किट है नहीं डॉक्टरों के लिए मास्क और प्रोटेक्टिव सूट यहां तक कि कई देशों ने कर्ज देने की अपील को भी अनसुना कर दिया है इससे पाकिस्तान की दुर्गति होना तय है आईएमएफ ने भी कर्ज देने से पाक को इंकार कर दिया पहले से ही पाक पर अरबों रुपए का कर्ज बकाया है और तो और पाक का प्यारा दोस्त चीन ने भी बना ली दूरी वही दोस्तों कभी अमेरिका का चहेता रहा पाकिस्तान इन दिनों चीन की गोद में बैठा हुआ है और इस वैश्विक महामारी में चीन भी कोई मदद नहीं कर रहा है दोस्तों इस वक्त अमेरिका और चीन अंदरूनी हालात को सही करने में उलझे हुए हैं ऐसे समय में दोनों देश पाकिस्तान की मदद करने की स्थिति में नहीं है दोस्तों कहते हैं कि दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए चीन और पाकिस्तान ने अपनी दोस्ती को और मजबूत किया दोनों देश भारत के साथ युद्ध लड़ चुके हैं लेकिन इस वैश्विक महामारी मे यह दोस्ती अब अमेरिका चीन के कोल्ड- वार में पिस्ता हुआ नजर आ रहा है पाकिस्तान वैसे दोस्तों 2015 में चीन ने अरब सागर तक अपनी पकड़ को मजबूत करने के लिए चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे की शुरुआत की थी इसी के साथ चीन पाकिस्तान में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया था लेकिन 2016 के बाद इस गलियारे के निर्माण को लेकर पाकिस्तान में खासी राजनीति हुई जिस कारण फिलहाल इस रोड का काम रुका हुआ है अब देखना है हमें कि आखिर पाकिस्तान कैसे अपने आर्थिक स्थिति को इस वैश्विक महामारी में संभालेगा पाकिस्तान भले ही कोरोना वायरस की चपेट में है लेकिन अल्पसंख्यकों पर हमले जारी हैं और सीमा पर आए दिन हरकतें करने से बाज नहीं आ रहा है इससे पाकिस्तान की वैश्विक स्तर पर फजीहत भी हो रही है जो भी हो इस वैश्विक महामारी में दोस्तों आप सब से अपील है कि इस संकट के समय में जितना भी अधिक से अधिक संभव हो सके अपने ही देश की बनी हुई वस्तुओं का उपयोग करें किसी भी चीनी या अन्य विदेशी वस्तुओं का पूर्णतया बहिष्कार करें हमारे इस छोटे से प्रयास से ना सिर्फ हमारा देश सशक्त और शक्तिशाली बनेगा बल्कि हमारे देश की वस्तुओं तथा हमारा सम्मान भी विश्व में बढ़ेगा ll 

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