बाल मजदूरी के  प्रतिबंध की पोल खोलती तस्वीर

लाॅकडाउन में तरबूज बेचने को मजबुर बालक। 


जन्दाहा (वैशाली)(संवाददाता )।


 भारत में कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण के कारण लॉकडाउन 4 की घोषणा की गई है। लगातार दो महीनों से चले आ रहे लॉकडाउन के कारण मजदूरों की मजदूरी छीन गई है। ऐसे में परिवार का भरण पोषण करना बहुत बड़ी समस्या बन गई है। मजदूर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। खासकर वैसे मजदूर जो अन्य प्रदेशों में रहकर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण किया करते हैं। वहां लॉकडाउन के कारण इनका रोजगार छीना जा चुका है, और मजदूर वहीं फंसे हुए हैं। वहीं उनके घर वालों के पास भी पैसे खत्म हो चुके हैं। ऐसी विषम परिस्थिति में मजदूर के बच्चे भी आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। साइकिल पर तरबूज लाद कर बेचता नन्हा बालक से पूछने पर उसने उसने महिपुरा निवासी दिनेश सिंह का पुत्र बताया। उसने बताया कि पिताजी राजमिस्त्री का काम करते हैं। लेकिन लॉकडाउन और  महामारी के कारण काम बंद है। जिससे परिवार की स्थिति दयनीय होती जा रही हैं। इस विषम परिस्थिति में सोचा कि क्यों न कुछ बेचकर ही आमदनी की जाए। अभी स्कूल भी बंद है।


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