विज्ञापन

विज्ञापन

Friday, May 22, 2020

 शोभन सरकार की हत्या पर पिता और बड़े भाई के लगाए गए आरोप गलत सिद्ध हुए




कानपुर (अयोध्या टाइम्स) शोभन सरकार को शरीर छोड़े 10 दिन बीत चुके हैं कुछ सवाल ऐसे सामने आए जो कि विवाद उत्पन्न करने के संकेत दे रहे थे 10 मई को सुबह 6:30 बजे शोभन सरकार को दूध दिया गया था जिसको पीते ही मुंह और नाक से झाग निकलने लगा और उसके 10 मिनट बाद उनका निधन हो गया इसी प्रकरण को लेकर के शोभन सरकार के पिता जो 107 वर्षीय पिता कैलाश नारायण तिवारी बड़े भाई चंद्रभान तिवारी ने यह स्वीकार किया है कि हम लोगों ने आवेश में आकर के बाबा को दूध में कुछ ऐसा दिया गया था जिससे उनकी मृत्यु हो गई ऐसा कहा था परंतु यह गलत है इस बात को पूरे परिवार ने स्वीकार किया है

**शोभन सरकार बाबा बाघपुर के निकट शुक्लानपुर गांव के रहने वाले थे*

जैसा कि शोभन सरकार बाबा शोभन में सन 1975 में शोभन मंदिर आए थे एक लंगोटी पहने हाथ में दो रुपए भी नहीं थे इससे पहले 2 वर्ष पांडव नदी के किनारे अपना जीवन यापन व साधना करके किया, लोगों के बताने के अनुसार शोभन मंदिर की स्थापना 1935 में गुरुदेव महाराज रघुनंदन स्वरूप जी ने की थी और सन 1954 में हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना की गई थी जो मूर्ति जयपुर से बनवाकर करके भावपुर स्टेशन के लिए बुक की गई थी परंतु मूर्ति चौबेपुर स्टेशन आई जहां से मूर्ति को ला करके स्थापना की गई, 1965 में गुरुदेव महाराज रघुनंदन स्वरूप महाराज जी ने समाधि ली और लेने के पहले उन्होंने बताया कि यहां पर 10 वर्ष तक अंधकार रहेगा फिर 10 वर्ष बाद मेरे रूप में जो आएगा वह यहां का विकास करेगा और उसके आने से कई चमत्कार भी होंगे, अपने खर्च से कई पुल झील सड़कें स्कूल कॉलेज शोभन सरकार महाराज ने बनवाए उन्होंने 4 पुलों का निर्माण और चारों तरफ गांव की सड़कें स्कूल कॉलेज अपने खर्च से बनवाए जिसमें बच्चों को निशुल्क शिक्षा आज भी प्रदान की जाती है वही अपने मंदिर प्रांगण में 5 किलोमीटर लंबी झील बनवाई जिसमें पांडव नदी के द्वारा पानी लाया जाता है और उस झील से आसपास के 12 से 15 गांवों को खेतों के लिए निशुल्क पानी दिया जाता है मंदिर में एक विशाल हॉस्पिटल श्रीचरण आयोग धाम के नाम से भी उन्होंने बनवाया जिसमें एलोपैथिक होम्योपैथी आयुर्वेदिक तीनों हॉस्पिटल हैं जो की पूरी तरह निशुल्क है, वहां पर मेडिकल स्टोर से जो दवा मिलती है उसका लोगों से 50% भुगतान लिया जाता है और ₹10 के पर्चे में ओपीडी की जाती है अगर किसी गरीब व्यक्ति के पास वह भी देने के लिए नहीं है तो उसका इलाज पूरी तरह जांचें दबाए सभी निशुल्क में की जाती हैं शोभन सरकार बाबा ने 2 दर्जन से ज्यादा मंदिरों का निर्माण कराया और उनकी रसोई में प्रतिदिन 500 व्यक्तियों का भोजन कराया जाता था शोभन सरकार एक प्रसिद्ध स्थल है अब शोभन सरकार की जिम्मेदारी हरीश पांडे जी को लिखित में व्यवस्थापक बनाकर के बाबा ने अपने जीते जी ही उनको लिखित व्यवस्थापक बना दिया था अब जो भी कार्य वहां पर होंगे वह उन के दिशा निर्देश के पालन पर ही होंगे शोभन सरकार बाबा जी के ना रहने के बाद अब हरि शरण पांडे जी ही वहां के महंत व व्यवस्थापक होंगे, कहते हैं जहां हजारों की रोज लगती थी भीड़ वहां मंदिर के चारों तरफ आज विराना लगता है कहां गई वह ज्योति जिसकी चमक से आशियाना लगता था,


 

 



 

No comments:

Post a Comment