वैश्विक विरोधों के बीच चीन की चुप्पी का राज

कोविड - 19 की वैश्विक महामारी के दौर से आज जहाँ लगभग पूरा विश्व गुजर रहा है उस हालात का कारण कहीं ना कहीं पूरा विश्व चीन को ही दोषी मान रहा है। कहीं ना कहीं Zचीन ने इस वैश्विक महामारी की आड़ में कुछ न कुछ फायदा तो उठाया ही है। उसने कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी के कारणों व लक्षणों को पूरी दुनिया से छिपाता रहा। उसने इस बीमारी के बारे में आधा अधूरा कारण डब्ल्यू एच ओ को तब बताया जब स्थिति हाथ से लगभग निकल चुकी थी और तब तक इस वायरस ने लगभग पूरी दुनिया में अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया था।
आज जहाँ पूरी दुनिया चीन के सामानों और उसके सहयोगों का विरोध कर रही है वहीं चीन की यह चुप्पी हजम नहीं हो रही आखिर उसकी इस चुप्पी का राज क्या है? क्या वह इस चुप्पी की आड़ में कुछ बड़ा करने वाला है? या फिर उस पर बढ़ते वैश्विक दबावों के कारण वह शांत हो गया है। कुछ भी कहना मुश्किल है पर चीन इतना तो जान ही चुका है कि उसके सामानों का वैश्विक बाजार अब जरूर प्रभावित होने वाला है।
अमेरिका ने तो सीना ठोक कर कह दिया कि इस महामारी का सीधा संबंध चीन से ही है चीन ने इसे अपनी प्रयोगशाला में तैयार किया है और इसके सच को छिपाकर उसने पूरी दुनिया को गुमराह किया है। जिसकी वजह से पूरी दुनिया में धन-जन की अपार क्षति हुई जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। अमेरिका के एक सेनेटर ने 18 सूत्रीय बिल पेश किया है जिसमें चीन पर पूर्ण व वैश्विक प्रतिबंध हेतु माँग किया गया है। इससे भारत सहित कई देश भी सहमत दिख रहे हैं।
गौरतलब है कि अगर यह बिल मंजूर हुआ तो चीन को हो सकता है बड़ा नुकसान ऐसे में चीन की चुप्पी गले से नहीं उतरती। उसकी कुछ गतिविधियों को देखते हुए इतना तो कहा ही जा सकता है कि चीन, पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के खिलाफ कुछ बड़ा करने के फिराक में है। क्योंकि शायद चीन इस वैश्विक विरोध के पीछे का कारण कहीं ना कहीं भारत और अमेरिका की मित्रता को मान रहा है। उसे कहीं ना कहीं यह लगने लगा है कि भारत उसकी बढ़ती अर्थव्यवस्था में बाधक जरूर बनेगा।
इन सब कारणों को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि चीन की यह चुप्पी किसी खतरनाक साजिश की तलाश का परिचायक है। चीन की बीते कुछ दिनों की गतिविधियों पर नजर डालें तो चीन से चौकन्ना रहने की बहुत अधिक जरूरत आन पड़ी है क्योंकि कहावत है कि मरता क्या न करता यानि चीन और पाकिस्तान की बढ़ती दोस्ती और सहयोग के पीछे कहीं ना कहीं भारत के खिलाफ साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। चीन की इस चुप्पी का राज आखिर क्या है? इस अधिकाधिक विचार बेहद जरूरी है।


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