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Friday, June 5, 2020

उत्तर प्रदेश में बिजली निगम में सभी कैशियरों की होगी जांच 





गोरखपुर। नगरीय विद्युत वितरण निगम मोहद्दीपुर में कैशियर द्वारा गबन किए जाने के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी के बालाजी ने सभी जिलों में कैशियर, कार्यालय सहायक की आईडी, तीन साल में उनके द्वारा किए गए कार्यों की जांच कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए अधिशासी अभियंता के नेतृत्व में टीम बनानी होगी, जिसमें लेखा विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। 20 जून तक सभी जिलों की रिपोर्ट भेजनी होगी। मोहद्दीपुर में कैशियर इफ्तेखार ने करीब 43 लाख रुपये का गबन किया था। उसे निलंबित किया जा चुका है और निगम की ओर से एफआइआर भी दर्ज कराई गई है। सभी मुख्य अभियंताओं को जारी पत्र में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी ने गोरखपुर के अलावा दो अन्य जिलों में हुए गबन का जिक्र भी किया है।
पर्यवेक्षकों की भूमिका भी संदिग्ध
एमडी ने कहा है कि अन्य जिलों में भी कैशियरों द्वारा आईडी का गलत इस्तेमाल कर अनियमितता करने से इनकार नहीं किया जा सकता है। कैश काउंटर और कैशियरों की भूमिका के साथ पर्यवेक्षकों पर भी सवाल उठाए गए हैं। गबन में पर्यवेक्षकों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी। पिछले तीन साल में कैश से जुड़े जो भी काम किये गए हैं, उनकी ऑडिट कराई जाएगी। किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है।

शहर के चार खण्डों में हो रही जांच
मोहद्दीपुर में अनियमितता मिलने के बाद मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह ने शहर के चारों वितरण खण्डों में कैशियर व सहायकों की जांच करने का निर्देश दिया है। जोन स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी बनी है। इसकी रिपोर्ट जल्द ही आएगी। इस संबंध में मुख्‍य अभियंता ई. देवेन्‍द्र सिंह का कहना है कि सभी जिलों में कैश काउंटर से जुड़े कार्य, कैशियरों के आईडी, उनके द्वारा पिछले तीन साल में किए गए कार्य की जांच कराई जाएगी। जांच जल्दी शुरू हो जाएगी। 

 

 



 



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