कैदियों को मिली सहूलियत, अब अपने घर से मंगा सकेंगे सामान 





गोरखपुर । जिला कारागार के बंदी अब अपने कपड़े व रोजमर्रा की जरूरत का सामान घर से मंगा सकेंगे। सामान को 24 घंटे तक क्वारंटाइन करने के बाद बंदियों को सुपुर्द किया जाएगा। सामान की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उस पर बंदी के नाम की स्लिप लगाई जाएगी।
लाकडाउन में लगी थी रोक
लॉकडाउन में कोरोना वायरस का फैलाव रोकने के लिए बंदियों से मुलाकात के साथ ही घर से आने वाले सामान पर भी रोक लगा दी गई थी। अब जब देश में अनलाक वन लागू हो चुका है तो जेल प्रशासन भी बंदियों को सशर्त ढील देने की तैयारी में है। पहले चरण में घर से आने वाले सामानों पर लगी रोक हटाने का फैसला किया गया है, जबकि मुलाकात पर लगी रोक जारी रहेगी। बंदी कपड़े, ब्रश, पेस्ट, बिस्तर, नमकीन, बिस्किट, फल जैसे सामान मंगा सकेंगे।
पीसीओ से फोन कर बता सकते हैं जरूरत
जरूरत का सामान मंगाने के लिए बंदी जेल के पीसीओ से घर पर फोन कर सकते हैं। वह अपने परिजनों से बात कर सकते हैं। परिजनों को जेल के गेट तक सामान लेकर आने की अनुमति रहेगी। उसके बाद उन्‍हें लौटा दिया जाएगा। उनके सामान को सुरक्षित रख लिया जाएगा।
पैक कर लाना होगा सामान
परिजनों को सामान गत्ते में पैक करके लाना होगा। उस गत्ते पर बंदी के नाम की स्लिप होगी, जिसे विशेष कमरे में रखा जाएगा। संक्रमण फैलने की आशंका खत्म होने के बाद जेल अधिकारी अपनी मौजूदगी में सामान की जांच कराएंगे। उसके बाद संबंधित बंदी को सौंपा जाएगा।

बोले वरिष्‍ठ जेल अधीक्षक
वरिष्‍ठ जेल अधीक्षक डा. रामधनी का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण मुलाकात के साथ ही सामान मंगाने पर रोक थी। अब बंदियों को घर से सामान मंगाने की अनुमति दे दी गई है। घर से आए सामान को 24 घंटे क्वारंटाइन में रखने के बाद ही बंदी को दिया जाएगा। इसके लिए उचित व्‍यवस्‍था की गई है। 

 

 



 



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