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Sunday, January 24, 2021

गणतंत्र के आलोक में अवलोकन

भारत के सहस्त्र वर्ष पुराने अंधकार युग के बाद गणतंत्र के आलोक में बदलती परिस्थितियों व ढलती शाम का समग्र अवलोकन शासन की सफलता का प्रमाण है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है इस लोकतंत्र को स्थापित करने के लिए लाखों लोगों ने अपने प्राणों की आहुति देकर इस भारतीय गणतंत्र को जीवंतता प्रदान किया है। गणतंत्र का सम्मान सभी नागरिकों के लिए पूजनीय है। हम सभी भारतीय नागरिकों का कर्तव्य बनता है कि भारतीय संविधान में निर्दिष्ट नीति निर्देशक तत्व व मूल  कर्तव्यो को अपने दिल में तत्परता के साथ सजोयें। गणतंत्र की सफलता के लिए सच्चे और सुलझे हुए नागरिकों की जरूरत होती है जो गणतंत्र का यथार्थ मूल्य है। बहुरंगी विविधता, भारतीय सभ्यता की सांस्कृतिक विरासत को समेटे हुए भारतीय गणतंत्र यथार्थ का अवलोकन गणतंत्रात्मक शासन प्रणाली की सफलता का प्रमाण है। गणतंत्र का मानक संसदीय शासन प्रणाली में आपातकाल के समय भारतीय संघ  का  स्वरूप  एकात्मक हो जाना गणतंत्र के इतिहास के चरमोत्कर्ष को दर्शाता है। लौकिक  गणतंत्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण जनकल्याण की दिव्य इच्छा होती है। सुव्यवस्थित गणतंत्र के गुण- अवगुण समय के अनुसार परिलक्षित होने लगते हैं। 26 जनवरी  संविधान के कार्यन्वयन का दिन है। आज के दिन  1935  के दासता भरे अधिनियम को निरस्त करके भारतीय संविधान को लागू किया गया था। गणतंत्र के शांति के सपने तभी साकार होंगे जब प्रसन्न चित्त समाज की स्थापना होगी। गांव से शहर तक राष्ट्रभक्ति के गीत से  उद् घोष हो। संक्रमण काल के दौर में हमारा स्वतंत्रता दिवस भी प्रभावित हुआ वर्तमान समय में स्वदेशी वैक्सीन सफलतापूर्वक कार्य कर रही है शैक्षिक संस्थान धीरे-धीरे खुल रहे हैं। ऐसे समय में हम अपने गणतंत्र के मूल्यों को सुरक्षित रखने के लिए गणतंत्रमक शासन प्रणाली का सम्मान करें। सदियों की गुलामी से आजाद आज का दिन हमें विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र राज्य के नागरिक होने का गौरव प्रदान करता है कुछ विदेशी शक्तियां भी हमारे देश के विकास में बाधक हैं अतः हम लोगों का पुनीत कर्तव्य बनता है की विरासत से मिली स्वतंत्रता को कायम रखा जाए।



मौलिक रचना
सत्य प्रकाश सिंह 

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