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Monday, January 11, 2021

युवा करेंगे राष्ट्र निर्माण

यह हमेशा कहा गया और माना जाता है जो कि सत्य भी है कि किसी देश की तरक्की उसके युवाओं की काबिलियत और उनके योगदान से होती है।

निश्चित तौर पर युवाओं की सहभागिता से देश का चहुँओर विकास सम्पन्न होता है।
बिगत कुछ बर्षो में यह देखा गया कि भारत के कई या कहें हज़ारों युवाओं ने देश विदेश तक अपना वर्चस्व स्थापित किया।
हालांकि इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि सबसे ज्यादा बिरोज़गारी भी युवाओं ने बिगत वर्षो में झेला है। देश को तरक्की की राह देने हेतु आयकर दाताओं का सबसे बड़ा हाथ होता है मगर देश मे जिस तरह सरकारी नौकरियों का लाला पड़ रहा ऐसे में आयकर क्या बल्कि देश में गरीबी रेखा की श्रेणी में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है और शायद देश की तरक्की में यह सबसे बड़ा मील का पत्थर है।
देश की तरक्की तब तक सम्भव नहीं जब तक युवाओं को रोजगार और व्यापार के उचित साधन न हो। किसानों की सोचनीय दशा होने पर कोई युवा कृषि की ओर नहीं जाना चाहता और तमाम योजनाओं के बाद भी व्यापार में वह तेजी नहीं आ पाई जिसकी आशा सरकार को थी।
मजदूर और छोटे व्यापारी तो कोरोना में लगभग टूट ही गए हैं और देश के युवा बेरोज़गारी की चरम सीमा पर आके खड़े।
कुछ वर्षों से टेक्नोलॉजी के बढ़ते कदम ने युवाओं से लेकर बच्चों को गेमिंग और सोशल मीडिया के क्षेत्र में इस कदर जकड़ा है कि वो विश्व का सारा ज्ञान पुस्तकों से ज्यादा इन सोशल मीडिया की झूठी बातों में खोज रहे जो कि निश्चित तौर पर हमें खोखला कर रहा। जब तक आप किताबों में लिखी सच्चाई से रूबरू नहीं होंगे और सच गलत का पता निजी अनुभवों पर नहीं लगायेंगे निश्चित ही आप गलत को सच मानकर अपना नुकसान करेंगे। यह टेक्नोलॉजी हमारी सुविधा हेतु है न कि उसके गुलाम और अधिन होने के लिए है। 
मैं सभी युवाओं का आव्हान करता हूँ कृपया इन व्यर्थ चीज़ों से दिमाग हटाकर पुस्तकों और निजी अनुभवों का सहारा लीजिए।
12 जनवरी देश के सबसे बड़े युवा क्रांतिकारी का जन्मदिवस है जिसने विदेशी धरती पर भारत की संस्कृति और वेद,हिंदुत्व की ऐसी परिभाषा प्रस्तुत की जिसके सामने समस्त विश्व नतमस्तक हुआ।

देश की युवाओं को कार्ल मार्क्स, रूसो,सुकरात से ज्यादा स्वामी विवेकानंद और दयानन्द को पढ़ने की जरूरत है। गांधी के देश में पहले उनको सीखिए । स्वामी विवेकानंद जी के ज्ञान और बातों में वह क्षमता है जो आपके चरित्र और राष्ट्र निर्माण में संजीवनी बूटी का काम करेगा। हमारी सभ्यता और संस्कृति ने हमें युगों से जीवित रखा है मगर पाश्चात्य सभ्यता का बढ़ता प्रकोप न केवल हमें अपनी सभ्यता से सँस्कृति से विरक्त कर रहा अपितु हमें कमजोर कर रहा।
आयुर्वेद योगा जैसी अमूल्य धरोहर देने वाला भारत जिसे विश्व अपना रहा मगर हमारे युवा जिम को श्रेष्ठ करने में लगे हैं।
सभी युवा संकल्प ले कि भारत के विकास और खुद की चारित्रिक निर्माण हेतु अपनी सभ्यता ,संस्कृति का सहारा लेंगे और हमारे महापुरुषों गाँधी, भगत सिंह, स्वामी विवेकानंद, दयानन्द आदि के बताए मार्ग पर चलकर उच्च स्थान प्राप्त करेंगे।
सभी युवाओं को युवा दिवस की बहुत शुभकामनाएं।

नाम शुभम पांडेय गगन
पता अयोध्या उत्तर प्रदेश

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