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Tuesday, January 5, 2021

सबसे पहले अपने ऊपर शासन करना सीखो

देखो जो व्यक्ति अपने क्रोध पर काबू नहीं पाता है ,क्रोध उस व्यक्ति पर ही अक्सर काबू पा लेता है । एक बार तो क्रोधी व्यक्ति को शेख सादी ने भी आधा पागल व्यक्ति कहा था ,जबकि मै तो क्रोधी व्यक्ति को पूरा ही पागल समझता हूं ,लेकिन  कभी कभी देश और समाज हित मे क्रोध करना भी बहुत ही जरूरी होता है , क्योंकि इतिहास रचने वाले  अक्सर पागल ही होते है ।एक होता है अल्ट्रा पॉजिटिव और दूसरा होता है अल्ट्रा नेगेटिव हमे हमेशा इन दोनों में संतुलन बना कर ही चलना चाहिए । जब देश और समाज के हित की बात हो तो हमेशा हमे अपना सत प्रतिशत  सकारात्मक विचारधारा के साथ योगदान देने की जरूरत है। आपको बता दे की  लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व चीन का एक सम्राट था, जो कि बहुत ही दंभी ,क्रोधी एवं हटी थे, यह सम्राट जनता पर अत्याचार भी करता था, यह स्मार्ट इतना शक्तिशाली था कि कोई भी विरोध नहीं कर सकता था। एक दिन यह सम्राट प्रसिद्ध संत कन्फ्यूशियस के पास गया व बोला कि हे संत मुझे चीन पर शासन करना सिखाइए। आपको बता दें कि कन्फ्यूशियस इस राजा की क्रोधी प्रवृत्ति से परिचित पहले से ही थे, इसलिए बोले हे राजन सबसे पहले अपने ऊपर शासन करना सीखो, फिर चीन पर शासन करने की बात तुम मेरे से करना । साथियों यही सच्चाई है कि जो भी व्यक्ति अपनी क्रोध पर शासन नहीं कर सकता वह किसी पर भी शासन नहीं कर सकता है। क्रोध पर नियंत्रण पाने के लिए आज से ही आप भी अपने दिनचर्या में योगा ,व्यायाम ,घूमना ,संतुलित , आहार के साथ ही संगीत का भी सहारा ले सकते हैं । याद रखना स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है , जब आप स्वस्थ रहेंगे तो आप क्रोध के शिकार आसानी से नहीं होंगे । इसके साथ ही हमेशा मुस्कुराते रहिए ठहाके लगाइए, सहनशील बनिए व  विरोध, विपत्ति एवं आलोचना को धैर्य के साथ सहते रहिए, एक बात को और ध्यान रखना मेरे जीवन की यात्रा समतल मार्ग पर नहीं बल्कि पथरीले एवं उबर खाबड़ मार्ग से होकर ही गुजरती है, यही जीवन का रीत है , साथियों फिर इससे क्यों खिन्नता? हम सभी  के जीवन में कभी बसंत तो कभी पतझड़ आते जाते रहते हैं, जो भी आ रहा है आने दीजिए, प्यार से निहारिए इस प्रकृति के परिवर्तन को व इसके साथ ही यार आप मंद मंद मुस्कुराते भी रहिए, फिर देखिए जीवन  कितना सुंदर होगा। इसके साथ ही अगर आप किसी से अपेक्षाएं कम रखें, अहंकार त्यागे, यथार्थवादी इच्छाएं रखे ,समीक्षा करे कि हमें गुस्सा क्यों आया? साथ ही अपने दिल की बात कहना भी आप सीखो, जीवन में कोई संबंधी, मित्र साथी गुरु आदि अवश्य रखें जिससे आप मन की बात कह सकें। अगर किसी दूसरे के व्यवहार से आपको खिन्नना होने लगे तो आप अपने विश्वासपात्र साथी को मन की बात कह दे, इससे आप  अच्छा महसूस करेंगे साथ ही कुछ ना कुछ सीख भी अवश्य मिलेगी आपको। साथियों आप दृढ़ निश्चय वाला इंसान बनो , याद रखना आप छोटे लोग छोटी चीजों से परेशान होते हैं, बड़े लोग बड़ी बातों में ही रुचि लेते हैं, हम भी ऊंचा उठे, उड़ते हुए गुनगुनाए, चहचहाइए और फिर मुस्कुरा कर सोचिए की आपको ईश्वर ने किस उद्देश्य से इस धारा पर भेजे है । क्रोध पर काबू पाने की इच्छा हो तो साथियों इस इच्छा की पूर्ति कोई खास बड़ी मुश्किल काम नहीं है ,आज आप  मेरे से वादा कीजिए कि आज से ही  हमेशा मुस्कुराते हुए अपने जीवन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अपना शत-प्रतिशत ऊर्जा लगाएंगे।


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