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Friday, January 8, 2021

आजादी से अब तक इस गांव के मतदाताओं ने नहीं किया मतदान

सुरेंद्र मौर्य

मिल्कीपुर संवाददाता


 पूरे बोध के मतदाताओं के लिए अलग से पोलिंग बूथ बनाए जाने की भाकियू ने की मांग। 

 आजादी से अब तक पूरे बोध के मतदाताओं ने नहीं किया है मतदान


मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत गद्दोपुर के पूरे बोध तिवारी के मतदाताओं के लिए भारतीय किसान यूनियन के भानू गुट के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रमेश त्रिपाठी ने उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर को प्रार्थना पत्र देकर अलग से पोंलिग स्टेशन बनाये जाने के लिए मांग की है। पूरे बोध तिवारी के मतदाता एक पुराने अंधविश्वास के चलते गद्दोपुर गांव में बने पोलिंग स्टेशन पर मतदान करने नहीं जाते हैं।

          इस बात को शायद ही कोई माने की देश में 100 से अधिक मतदाताओं वाला एक ऐसा भी गांव है जिसके मतदाताओं ने कभी किसी चुनाव में मतदान नहीं किया। जी हां लेकिन यह सत्य है कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या ज़िले की  मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित गांव का नाम है पूरे बोध तिवारी और यह गद्दोपुर नाम की ग्राम पंचायत का हिस्सा है। गांव में 110 मतदाता हैं और वे बताते हैं कि उनके लिए आज़ादी के बाद से अब तक हुए किसी भी चुनाव में मतदान के लिए पोलिंग बूथ तक जाना संभव नहीं हो पाया है। यूं तो इसकी कोई बड़ी वजह नहीं है लेकिन जो है उसे दूर करने में न कभी चुनावी मशीनरी ने दिलचस्पी ली और और न ही किसी नेता ने इसके लिए कभी आवाज उठाई। यह प्रकरण चुनाव के ऐन वक्त पर अधिकारियों के संज्ञान में आता है और वे अगले मतदान से पहले इसे ठीक कराने ने का दावा तो करते हैं लेकिन चुनाव संपन्न होने के बाद फिर से मतदाताओं की आवाज दफन हो जाती है।

    ग्रामवासियों द्वारा बार-बार आवाज़ उठाये जाने के बाद सरकारी मशीनरी उनके लिए कोई इंतजाम नहीं कर सकी और उनकी कई पीढ़ियां मतदान किए बिना ही संसार को अलविदा कह गईं। 

    ज्ञात हो कि गांव के मतदाताओं का मतदान न करने  की वजह आज़ादी से पूर्व का कृषि भूमि का विवाद है ग्रामीणों के अनुसार अंग्रेज़ों के समय उनके पूर्वजों की कृषि भूमि गद्दोपुर के ज़मींदारों ने ज़ोर-ज़बरदस्ती करके हथिया ली थी। इस भूमि को उनके क़ब्ज़े से मुक्त कराने के लिए गांव वालों द्वारा की गई सारी अपीलें व दलीलें बेकार हो गईं तो उनके मुखिया ने सत्याग्रह का रास्ता अपनाकर अनशन शुरू किया और अनशन के 10वें दिन अन्न जल तक त्याग दिया। जमींदार फिर भी नहीं पसीजे और मुखिया को लगा कि वह अपने प्राण त्यागकर भी अपनी कृषि भूमि की रक्षा नहीं कर सकेगा तो उसने आख़िरी सांस लेने से पहले अपने वारिसों को सौगंध खिलाई कि भविष्य में न वे कभी गद्दोपुर की ओर मुंह करेंगे और न ही इन जमींदारों से कोई वास्ता रखेंगे ।तभी से गांववासी इस सौगंध को मुखिया की आज्ञा मानकर उस पर अमल करते आ रहे हैं और आज़ादी के बाद से अब- तक किसी भी चुनाव में पोलिंग स्टेशन का मुंह नहीं देखा है। जब भी चुनाव आते हैं युवा पीढ़ी अपना मतदान केंद्र बदलने की मांग उठाने लगती है, ताकि दूसरे देशवासियों की तरह वह भी मतदान का अपना लोकतांत्रिक कर्तव्य निभा सके लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर उसकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। अब जब पंचायत चुनाव नजदीक है फिर से एक बार गांव वासियों में मतदान केंद्र को लेकर आस जगी है। भाकियू के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रमेश त्रिपाठी ने उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर उक्त ग्राम वासियों का पोलिंग स्टेशन उनके पड़ोस के विद्यालय संजय स्मारक में बनाए जाने की मांग की है। देखना है कि गांववासियों की समस्या का हल हो पाता है या पूर्व की तरह फिर वह मतदान से वंचित रह जाएंगे।

उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर दिग्विजय सिंह ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है मतदाताओं की समस्या का समाधान किए जाने का प्रयास किया जाएगा।

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