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Saturday, January 2, 2021

चार न्यायाधीशों को ओडिशा, तेलंगाना, मद्रास और जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नत किया गया

राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित न्यायाधीशों को उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के रूप में नियुक्त किया:

क्रमांक

 न्यायाधीश / न्यायमूर्ति

वर्तमान उच्च न्यायालय

उच्च न्यायालय का नाम जहां मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त

1

डा.एस मुरलीधर 

पंजाब और हरियाणा

ओडिशा

2

सुश्री हीमा कोहली

 

दिल्ली

तेलंगाना

 

3

संजीब बनर्जी

कलकत्ता

मद्रास

 

4

 

पंकज मित्तल

इलाहाबाद

 

जम्मू कश्मीर लद्दाख

 

 

न्याय विभाग द्वारा आज इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है।

न्यायाधीशों का संक्षिप्त विवरण:

डॉ. न्यायमूर्ति एस.मुरलीधर,(बीएससी, एलएलएम, पीएचडी)का जन्म 08 अगस्त, 1961 को हुआ था। उन्होंने 12 सितंबर, 1984 को एक अधिवक्ता के रूप में कार्य करना शुरु किया और फिर चेन्नई में दीवानी अदालत में प्रैक्टिस करने लगे। इसके बाद उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, श्रम, चुनाव, पंचाट, जनहित याचिका, मानवाधिकार, कंपनी कराधान और सेवा मामलों से जुड़े मुकदमे लेने शुरु कर दिए। संवैधानिक, चुनाव, जनहित याचिका तथा आपराधिक और मानवाधिकार मामले उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र रहे हैं।

उन्होंने 2000-2004 तक निर्वाचन आयोग, राष्ट्रीय​ मानवाधिकार आयोग, केंद्रीय सतर्कता आयोग और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अधिवक्ता और सर्वोच्च न्यायालय कानूनी सेवा समिति के सदस्य के रूप में कार्य किया। उन्हें 29 मई, 2006 को दिल्ली उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया और 29 अगस्त, 2007 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया। उन्हें 06 मार्च, 2020 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया।

न्यायमूर्ति कुमारी हिमाकोहली,(एमए एलएलबी) का जन्म 2 सितंबर 1959 को हुआ था। उन्होंने 20 सिंतबर 1984 को अधिवक्ता के रूप में काम करना शुरु किया। उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में सिविल, संवैधानिक, श्रम, कंपनी और सेवा मामलों से जुड़े मुकदमे देखे। उन्हें सिविल कानूनों में विशेषज्ञता हासिल है। उन्हें 29 मई, 2006 को दिल्ली उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया और 29 अगस्त, 2007 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त कर दिया गया।

न्यायमूर्ति पंकज मित्तल (बी.कॉम एलएलबी)का जन्म 17 जून, 1961 को हुआ था। उन्होंने 22 सितंबर 1985 को एक अधिवक्ता के रूप में कार्य करना शुरु किया। उन्होंने सिविल, संवैधानिक, श्रम और सेवा से जुड़े मामलों में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में 20 साल तक प्रैक्टिस की। उन्हें भूमि अधिग्रहण, किराया नियंत्रण और शिक्षा से जुड़े कानून में विशेषज्ञता प्राप्त है। उन्हें 07 जुलाई, 2006 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में और 2 जुलाई, 2008 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।

न्यायमूर्ति संजीब बनर्जी, बी.एससी (ऑनर्स), एल.एल.बी.का जन्म 2 नवंबर, 1961 को हुआ था। उन्होंने 21 नवंबर, 1990 से एक अधिवक्ता के रूप में कार्य करना शुरु किया और कलकत्ता उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय और अन्य न्यायालयों में सिविल, कंपनी, मध्यस्थता और संवैधानिक मामलों में प्रैक्टिस की। उन्हें कंपनी, बौद्धिक संपदा और मध्यस्थता कानून में विशेषज्ञता प्राप्त है। उन्हें 22 जून, 2006 को कलकत्ता उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।


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