रिश्तों के चार पायदान

जीवन में आमतौर पर चार चीजें यानि विश्वास, रिश्ता, हृदय और वचन बड़ा ही महत्वपूर्ण स्थान रखतें हैं, क्योंकि यह चारों सीढ़ी के पायदान हैं.... 

पहला विश्वास :, किसी भी रिश्ते को बनने के लिए जरूरी है विश्वास।

दूसरा रिश्ता : जब आपसी विश्वास पैदा हो जाए तभी हम उसको रिश्ते से जोड़ने का प्रयत्न करते हैं। यह रिश्ता चाहे दोस्ती का हो या सामाजिक हो

तीसरा ह्रदय : जब कोई रिश्ता बनता है और पनपता है तो उसकी जड़े हृदय से जाकर जुड़ती हैं दोनों तरफ से। और जिसकी जड़ें हृदय से जुड़ती हैं वह रिश्ता बहुत मजबूत और अटूट रहता है।

और चौथा आखिरी पायदान वचन : यह एक ऐसा पायदान है जिस पर हर कोई नहीं चढ़ सकता क्योंकि इस पायदान पर चढ़ने के बाद संतुलन बनाना बहुत आवश्यक है। क्योंकि वचन दोनों तरफ से बनाया और निभाया जाता है जहां पर दोनों पक्षों को संतुलित रूप से व्यवहार करना होता है अपने साथ-साथ अन्य सभी बातों को ध्यान रखते हुए।


प्रफुल्ल सिंह "बेचैन कलम"

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