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Monday, May 25, 2020

बहादुर पुलिस अधिकारी के अरमानों  पर खड़ी उतरी एक बेटी

पटना (संवाददाता) ।बहुत कम लोग होते है जो माता पिता के अरमान को  पूरा कर पाते है। मजाक ,मजाक में पिता ने बचपन मे नन्ही परी जैसे  बेटी को पहनाया पुलिस का बर्दी तो ,बड़ी  होकर बेटी ने  हकीकत में बर्दी का नोकरी लेकर पिता के   अरमान को किया पूरा,  जी हाँ हम बात कर रहे है 2009 बेच  के तेज तर्रार सव इंस्पेक्टर अर्चना कुमारी का। पटना की रहने बाली अर्चना कुमारी के पिता का नाम कर्मलाल है। कर्म लाल  जी अपने समय के बहादुर पुलिस पदाधिकारी माने जाते हैं।उनकी ईमानदारी और बहादुरी के कारण भारत के राष्ट्रपति ने उन्हें वीरता पदक से नमाजा है।  डीएसपी के पद  पर रहते हुए कर्मलाल  कुख्यात अपराधीयो के लिये  एक दहशत थे। अर्चना कुमारी उसी बहादुर पिता की बेटी  है।पिता कर्मलाल ने बचपन मे अर्चना को पुलिस इंस्पेक्टर का बर्दी खरीद कर  बड़ी सोख से पहनाया था ।तब शायद नन्ही परी  जैसी बेटी को बर्दी बाले ड्रेस में देख कर्मलाल   के दिमाग  यही बात चलता होगा काश, यह बर्दी हमेशा बेटी के बदन पर चमकाता ओर दमकता  रहे। ओर आज बेटी ने हकीकत मे  पुलिस का नोकरी लेकर पिता के अरमान को  कर दिया पूरा।पहली बार ट्रेनिग समाप्त कर जब बेटी घर आई तो अपने   डीएसपी पिता को किया जय हिंद ,तो कर्मलाल के आंखों में खुशी का आंसू छलक पड़ा ।।अर्चना का पोस्टिंग अभी वैशाली जिला में है और  हाजीपुर नगर थाना में पोस्टेड है। अर्चना कुमारी  वैशाली में एक ईमानदार छवि ओर बहादुर महिला सव इंस्पेक्टर के रुप मे चर्चित है।  महिला  अत्याचार के खिलाफ  थानां में दर्ज कई कांडों के अनुसंधानक के रुप मे  उन्होंने दर्जनों महिला के उजड़े घरों को पुनः बसाने का काम किया है। वहीं कई  महिला अत्याचार के आरोपी पुरूष को जेल का हवा भी खिलाया। अर्चना  ने अपनी पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, महिला मगध कॉलेज और पटना साइंस कॉलेज से किया है।पढ़ाई में भी हमेशा अब्बल रहती थी। वैशाली में अर्चना कुमारी को अच्छे कार्य करने के लिये पुरस्कार भी मिल चुका है।


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