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Saturday, May 23, 2020

सुहागिन स्त्रियां पति के दीर्घायु के लिए कर रही वटवृक्ष पूजा




*विशेष संवाददाता:-जितेन्द्र सिंह अन्नू*

उत्तर प्रदेश में अमर सुहाग की कामना को लेकर सुहागिन स्त्रियां वटवृक्ष की पूजा कर रहीं हैं स्नान ध्यान के बाद सुहागिन नए वस्त्र धारण कर हाथों में पूजा की थाली लिए वट वृक्ष के नीचे पहुंची। 

जहां जल, रोली, चावल, सिंदूर, हल्दी, गुड़, भींगा चना, मटर, फल व प्रसाद से विधि-विधान पूर्वक सावित्री तथा सत्यवान की पूजा-अर्चना कर रहीं महिलाएं सावित्री-सत्यवान की कथा भी सुन रही उसके बाद महिलाएं वट वृक्ष के तना में 108 बार कच्चा सुत लपेटकर अमर सुहाग की कामना की।

पर्व वट सावित्री पूजा सुहागिनों के अखंड सौभाग्य प्राप्त करने का प्रमाणिक और प्राचीन व्रत है धर्म ग्रंथों में इस बात का उल्लेख है कि व्रत करने से अल्पायु पति भी दीघार्यु हो जाता है।

जब सत्यवान की आत्मा को यमराज लेने पहुंचे थे, तब उनकी पत्नी सावित्री भी उनके पीछे-पीछे चल पड़ी। यमराज के काफी समझाने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटी, तब विवश होकर यमराज ने सत्यवान के आत्मा का पुनः प्रवेश उसके मृत शरीर में करवा दिया।

उसी समय सावित्री ने वट वृक्ष की पूजा की थी।

 क्षेत्र के भिटरिया मस्तान आश्रम किठैय्या सूपामऊ बेलिया मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर सुहागिन वट सावित्री की पूजा-अर्चना कर रही हैं। हालांकि इस दौरान महिलाओ ने पूजा करते समय सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया और अपने परिवार के सुख-सम्रद्ध के लिए प्रार्थना की।


 

 



 

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