विज्ञापन

विज्ञापन

Monday, December 28, 2020

बासकीत पर्चे की मांग को लेकर भूमिहीन महादलितों ने किया धरना-प्रदर्शन

          राजापाकर ।संवाद सूत्र ।दैनिक अयोध्या टाइम्स। सोमवार को  दर्जनों बेघर भूमिहीन दलित महादलित महिला पुरुषो ने प्रखंड कार्यालय पर  धरना प्रदर्शन किया और  कहा कि बेघर व भूमिहीन हैं। सरकार उनके रहने के लिए भूमि की व्यवस्था करें। बसकित पर्चा दिया जाए ताकि वे उसमें घर बनाकर रह सके ।वे सभी  सड़क किनारे तंबू झोपड़ी गार कर रहने को मजबूर हैं। मालूम  हो कि सेवा सेतु सामाजिक संगठन के नेतृत्व में दर्जनों महिला-पुरुष ने  अंचल पदाधिकारी को आवेदन देकर बासकीत पर्चे की मांग की है । आवेदन में कहा गया कि हम सब भूमिहीन बेघर परिवारों का अपना खुद का जमीन नहीं है। हम लोग मालिक जमीन में झोपड़ी नुमा घर बना कर गुजर-बसर कर रहे हैं। इसलिए हमें जमींदारों के यहां बंधुआ मजदूरी की तरह काम करना पड़ता है ।हम सभी बेघर भूमिहीन दलित महादलित परिवारों का स्थल पर जांच कर बसकित पर्चा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ देने का कृपा करें । वही महिलाओं पुरुषों का एक शिष्टमंडल अंचलाधिकारी स्वयंप्रभा से कार्यालय कक्ष में मिला तथा अपनी समस्याओं को बताया। अंचलाधिकारी ने उनकी समस्याओं को सुना। वहीं  लगुरांव  बिलंदपुर  नारायणपुर बुजुर्ग एवं रामपुर रत्नाकर उर्फ सरसई पंचायत से आए दलित महादलित परिवारों के महिला पुरुषों को बताया कि शीघ्र संबंधित पंचायत के राजस्व कर्मचारी से भूमिहीन एवं बेघर परिवारों की सूची तैयार कर पहले संबंधित पंचायत में सरकारी भूमि की पहचान कर बेघर लोगों को दी जाएगी। जमीन उपलब्ध नहीं होने पर रैयती भूमि खरीदने के लिए सरकार को लिखा जाएगा।मालूम हो कि  हर वर्ष बिहार राज्य दलित महादलित विकास योजना अंतर्गत रैयती भूमि क्रय नीति के तहत बेघर भूमिहीन लोगों के  भूमि खरीदने के लिए राशि  जिले को आवंटित की जाती है। लेकिन प्रखंडों से इस संबंध में कोई रिपोर्ट जिला को नहीं भेजी जाती है। जिसके कारण दलित महादलित घर भूमिहीन परिवार खुले आसमान के नीचे सड़कों के किनारे तंबू झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर हैं ।सरकार की योजनाओं का अधिकारी पदाधिकारी द्वारा काम के बोझ से धरातल पर सही से निष्पादन नहीं हो पाता जिसका खामियाजा समाज के अंतिम पंक्ति में रहने वाले लोगों को उठाना पड़ता है तथा ऑफिस कार्यालय में पहुंचकर अपनी आवाज के द्वारा पदाधिकारियों के कान तक बात पहुंचाई जाती है। तब जाकर उन्हें कुछ मिलने की आस जगती है ।कार्यक्रम में शामिल सेवा सेतु के प्रखंड कोऑर्डिनेटर महेंद्र कुमार बीरचंद्र पासवान शंकर माझी लालमोहन मांझी लखींद्र माझी सावित्री देवी सुनीता देवी ललिया देवी उमेश माझी सुदामा देवी मनिया देवी रेणु देवी कल्लू माझी सोनू मांझी  दीपक माझी  सहित अनेक महिला पुरुष दलित महादलित परिवार शामिल हैं।

No comments:

Post a Comment