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Monday, January 18, 2021

आजम खां के जौहर यूनिवर्सिटी को अपने नियंत्रण करने की तैयारी तेज

दैनिक अयोध्या टाइम्स

ब्यूरो 

रामपुर- समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां के जौहर यूनिवर्सिटी को अपने नियंत्रण में ले सकती है। जिलाधिकारी इसे लेकर शासन को पत्र लिख रहे हैं। उनका कहना है कि वह पहले भी इस बारे में रिपोर्ट दे चुके हैं। इसे लेकर दोबारा रिपोर्ट भेजी जा रही है।रामपुर के जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह के मुताबिक जौहर ट्रस्ट ने तमाम अनियमितताएं बरती हैं। हर वर्ष एक अप्रैल को निजी यूनिवर्सिटी को अपनी प्रगति रिपोर्ट डीएम को देनी होती है, लेकिन जौहर ट्रस्ट ने इस बार भी कोई रिपोर्ट नहीं दी। जमीनों की खरीद-फरोख्त में भी नियमों का उल्लंघन किया गया है। प्रदेश शासन ने जिन शर्तों के साथ ट्रस्ट को 70 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन खरीदने की अनुमति दी थी, उन शर्तों का भी अनुपालन नहीं किया। इसी वजह से एडीएम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी की 70 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन सरकार के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया है।कस्टोडियन की संपत्ति को वक्फ की बताकर कब्जा किया गया है। साथ ही चकरोड की जमीन की अदला-बदली करने में भी अनियमितता मिलीं। इसके साथ ही कोसी नदी क्षेत्र की जमीन का आवंटन गलत तरीके से कराया। इसके अलावा अनुसूचित जाति के लोगों की 101 बीघा जमीन बिना अनुमति के खरीदने का मामला भी सामने आया। पहले भी कई अनियमितताएं सामने आई हैं।डीएम ने कहा कि ट्रस्ट के सदस्यों के खिलाफ बड़ी संख्या में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसे लेकर उनके द्वारा पहले भी शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। अब दोबारा रिपोर्ट भेजी जा रही है। हम चाहते हैं कि छात्रों का भविष्य बेहतर बने। सरकार इसके संचालन की अच्छी व्यवस्था करे।जौहर यूनिवर्सिटी की जमीनों को लेकर शुरू से ही विवाद रहा है। किसान जमीनें कब्जाने का आरोप लगाते रहे हैं। साल 2019 में 26 किसानों ने मुकदमे भी दर्ज कराए थे। रामपुर जिला प्रशासन ने आजम खां को भू-माफिया भी दर्ज कर दिया था। प्रशासन ने इनको जमीन पर कब्जा भी दिला दिया। चकरोड की जमीनों पर भी कब्जा करने का आरोप था। उसे भी प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की दीवारें तुड़वाकर खुलवा दिया था। इस तरह विवादों के निस्तारण के दौरान जमीन का बड़ा हिस्सा यूनिवर्सिटी के हाथ से निकल गया। अब सिर्फ 12.5 एकड़ (100 बीघा) जमीन बची है।जौहर यूनिवर्सिटी अल्पसंख्यक संस्थान है। इसको मौलाना मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट संचालित करता है। सभी जमीन उसके ही नाम हैं। आजम खां इस ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। इसमें करीब 3000 छात्र पढ़ते रहे हैं। प्रदेश सरकार ने यह कानून भी बनाया है कि निजी यूनिवर्सिटी में अगर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता पाई जाती हैं तो वहां प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है। जिलाधिकारी का कहना है कि सरकार को यूनिवर्सिटी को नियंत्रण में लेने का अधिकार है। दूसरी ओर भाजपा नेता आकाश सक्सेना का कहना है कि अब सरकार को अब यूनिवर्सिटी को टेकओवर कर लेना चाहिए।


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