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Thursday, January 7, 2021

हिन्दी साहित्य विकास में सर्वस्व समर्पित साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली ने स्थापित किया एक और कीर्तिमान : हिमाचल प्रदेश इकाई स्थापना

साहित्य संगम संस्थान में अपनी चौदह्वीं प्रदेश इकाई का उद्धाटन समारोह आयोजित किया। यह एक ऐसा भव्य छंदोत्सव कार्यक्रम रहा, जिसमें में देश के विविध प्रांतों, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, असम, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, हिमाचल, उड़ीसा छत्तीसगढ़, गुजरात और अन्य कई राज्यों से करीब सौ साहित्यकारों ने भाग लिया तथा राष्ट्रीय कवियों में ख्याति प्राप्त कई ऐसे जाने-माने साहित्यकारों का भी पदार्पण इलेक्ट्रॉनिक हिंदी साहित्य के इतिहास में कीर्तिमान बना गया। 

साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली के तत्वावधान में संस्थान की हिमाचल प्रदेश इकाई का उद्घाटन समारोह 06 जनवरी 2021 बुधवार सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक भव्य आनलाइन छंदोत्सव के रूप में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम अध्यक्ष आद. आचार्य प्रवर डॉ वागीश शर्मा मुंबई आप राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त वक्ता हैं। कार्यक्रम के मुख्य आद. अतिथि डॉ गंगा प्रसाद शर्मा जी, विशिष्ट अतिथि युगल दम्पती आद. हंसराज डोगरा जी व आद. सरोज कुमारी जी, संस्थान के महागुरुदेव डॉ राकेश सक्सेना जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष आ राजवीर सिंह मंत्र जी, सह अध्यक्ष आ कुमार रोहित रोज़ जी, कार्यक्रम का संचालन व संयोजन "नई उमंग समिति" के अंतर्गत कुमार रोहित रोज़, मिथलेश सिंह मिलिंद, विनोद वर्मा दुर्गेश जी, अर्चना पाण्डेय जी, वंदना नामदेव जी, अर्चना वर्मा जी, सोनी गौतम जी, अर्चना तिवारी जी, रूचिका राय जी, सरिता तिवारी राखी जी, ज्योति सिन्हा जी, चंद्रमुखी मेहता जी, सुनीता जौहरी जी, भारती यादव जी द्वारा बखूबी अंजाम दिया गया। संस्थान की हिमाचल प्रदेश इकाई उद्घाटन समारोह व महागुरुदेव डॉ राकेश सक्सेना जी के अभिनंदन सम्मान समारोह में देश के विभिन्न प्रांतों से लगभग सौ ज्येष्ठ-श्रेष्ठ कवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने मनमोहक छंद बद्ध काव्यपाठ से समारोह को ऐतिहासिक व यादगार बना दिया और संस्थान के द्वारा हिंदी साहित्य के विकास में सहयोगी हर एक ऐतिहासिक कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए, संस्थान को ढेरों बधाइयाँ भी दी।  कार्यक्रम की सफलतम समाप्ति के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय राजवीर सिंह मंत्र जी ने कार्यक्रम में शामिल सभी कवियों को हार्दिक धन्यवाद कहते हुए, सभी शायरों/कवियों को "वीणापाणि" की उपाधि से नवाजा। इस कार्यक्रम में एक साथ संस्थान की ग्यारह पुस्तकों का विमोचन किया गया, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक पहल है, जो अब तक की साहित्य मीडिया/जगत में सबसे बड़ी उपलब्धि है। कार्यक्रम में प्रस्तुत छंद बद्ध रचनाओं को संकलित कर छंदमेध पुस्तक माला बनाने की पहल भी साहित्यिक दृष्टिकोण से कल्याणकारी व शिक्षाप्रद है। संस्था के अध्यक्ष राजीव डोगरा ने इस अवसर पर सभी की सराहना की है । संस्थान द्वारा अब तक दो छंदमेध पुस्तकों का विमोचन किया जा चुका है, जो सुधी पाठकों में खूब सराही जा रही है। आ० विनोद वर्मा दुर्गेश जी का कार्यक्रम संचालन राष्ट्रीय स्तर का था।

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