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Monday, January 11, 2021

पक्षियों में बर्ड फ्लू से बचाव एवं रोकथाम हेतु आवश्यक उपाय व तैयारियां सुनिश्चित की जाए- आयुक्त

        आयुक्त देवीपाटन मंडल श्री एसवीएस रंगाराव ने बताया है कि उत्तर प्रदेश के कई पड़ोसी राज्यों यथा मध्य प्रदेश , राजस्थान , हरियाणा में बर्ड फ्लू फैलने की सूचनाए विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हो रही है । इन राज्यों में हाई एलर्ट जारी है । बर्ड फ्लू मुख्य रूप से पक्षियों की छुआछूत फ्लू बीमारी है, जिससे संक्रमित पक्षियों में 48 घंटे के अन्दर 90 से 100 प्रतिशत मृत्यु दर है । इस बीमारी का संक्रमित पक्षियों से मनुष्यों में भी संक्रमण होता है एवं संक्रमित मनुष्यों में इसकी मृत्यु दर 50 % से अधिक देखी गयी है । उन्होंने कहा है कि इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक उपाय एवं आम जनमानस को जागरुक करना अति आवश्यक है।

      आयुक्त ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे जनपद में स्थापित बत्तख / पोल्ट्री फार्मों की सूची अद्यतन करते हुए पक्षियों की संख्या , प्रकार जनपद में आपूर्ति का स्थान एवं मुख्यालय से उनकी दूरी का विवरण तैयार लिया जाय । जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जाय एवं आउटब्रेक होने की दशा में आवश्यक उपकरण आदि का प्रबन्धन कर लिया जाय । बत्तख / पोल्ट्री एवं प्रवासी पक्षियों का गहनता पूर्वक सर्विलायन्स किया जाय । इसके लिए बैकयार्ड पोल्ट्री , पोल्ट्री फार्मस , पोल्ट्री दुकान / बाजार , प्रवासी पक्षियों के वन्य जीव अभ्यारण्य , पक्षी अभ्यारण्य , नेशनल पार्कस , जलाशय एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों का लगातार सर्विलायन्स किया जाय । प्रवासी पक्षियों एवं वाइल्ड बर्डस का सर्विलायन्स वन विभाग द्वारा गहनता सुनिश्चित किया जाय।
उन्होंने कहा है कि पशुपालन विभाग कुक्कुट पालकों से लगातार सम्पर्क स्थापित कर इस बीमारी के बारे में उन्हे जागरूक करें तथा रोकथाम हेतु आवश्क उपाय उन्हें बताएं । क्षेत्र में कहीं भी यदि एक साथ कई पक्षियों की आकस्मिक मृत्यु होती है तो जनता उसकी सूचना अविलम्ब निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध करायें । पशु पालन विभाग एवं वन विभाग के अधिकारी सूचना प्राप्त होने के तुरन्त बाद आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय अपनाते हुए अग्रिम कार्यावाही सुनिश्चित करें । जनता मृत पक्षियो को कदापि न छुएं । मुर्गियों / अण्डों का ट्रान्सपोर्टेशन खुले वाहनों से न किया जाये अर्थात ट्रास्पोर्टेशन के दौरान उनके पंख / बीट आदि बाहर न फैले ।

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