स्कूल, अस्पताल व थाने जाने को नाव ही सहारा*


सुनील कुमार गुप्ता
 बहराइच के हुजूरपुर विकासखंड के सरयू के सिकही घाट पर पुल न होने से जान जोखिम मे डालकर नाव से आते जाते हैं लोग जनप्रतिनिधियो के प्रयास के बाद मिट्टी जांच के बाद नही बढ़ा आगे काम क्षेत्र के लोगो मे मायूसी बहराइच। सरयू नदी के उस पार बसी पांच ग्राम पंचायतों के लोगों को आज भी नाव के सहारे ही अस्पताल, स्कूल व थाने आदि जगह आना-जाना पड़ता है। इतना ही नहीं सामान लदे वाहन लेकर भी लोगों को नाव से ही आना-जाना पड़ता है। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। लोगों ने कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सदर विधायक व सांसद ने भी नदी पर पुल के निर्माण की मांग की मगर अभी तक योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। हुजूरपुर विकासखंड अंतर्गत सरयू नदी का सिकही घाट है। नदी के उस पार के ग्रामीणों का ब्लॉक फखरपुर तथा इस पार के निवासियों का ब्लॉक हुजूरपुर लगता है। इसी तरह थाना क्षेत्र में भी बंटवारा है। पांच ग्राम पंचायतें रानीपुर और शेष गांव फखरपुर थाना क्षेत्र में पड़ते हैं। ऐसे में नदी के उस पार के लोगों को नाव से ही यात्रा करनी पड़ती है। बाइक, साइकिल व अन्य सामान नाव पर लादकर लोग यात्रा करते हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सिकही घाट पर पुल निर्माण की मांग अरसे से हो रही है। मगर ग्रामीणों की कोई सुधि लेने वाला नहीं है। ऐसे में पांच ग्राम पंचायतों की 20 हजार से अधिक की आबादी नाव से ही यात्रा करने को मजबूर है। इन गांवों के लोग अस्पताल, स्कूल और फरियाद लेकर थाने तक नाव से ही पहुंचते हैं।* *कभी-कभी इमरजेंसी में नाव भी साथ छोड़ देती है। समस्या को देखते हुए क्षेत्र के कई ग्राम प्रधानों के अलावा पूर्व जिपं सदस्य व ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को पत्र लिखकर घाट पर पुल निर्माण कराने की मांग की। मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया। ऐसे में गांव के लोग आज भी जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करने को विवश हैं। क्षेत्र के विनोद कुमार, नंदकुमार, प्रवेश वर्मा, दयाशंकर सिंह, ध्यान सिंह, राजू खां, परमेश कुमार, कमलेश कुमार, केशवराम आदि ने सांसद, विधायक से लेकर उच्चाधिकारियों तक को पत्र लिखे मगर कहीं सुनवाई नहीं हुई। नदी के उस पार बसे गांव सरयू नदी का सिकही घाट आनंदपुर व होलपारा के बीच में पड़ता है। नदी के एक ओर ग्राम पंचायत होलपारा, सिंगरो, दहौरा, बसौना, भिलोराबासू, अचौलिया, भग्गड़वा, पटसिया, मीरा, सिंगाही, सतपारा, बिदियापारा और दतौली बसे हैं। जबकि नदी के दूसरी ओर कटघरा कला, कटघरी, सुग्रीव सिंह, निंदूरा, आनंदपुर खैरा, भानपुर, मदरहा, हरिहरपुर, फिरोजपुर, पटखौली, भवानीपुर, जिगिनिया महिपाल सिंह, जिगिनिया जसकरन सिंह, कलुआपुर, सुरजना, और रानीपुर गांव बसे हैं। नाव से कम समय मे पहुंचते हैं जिला मुख्यालय नदी के उस पार बसे लोगो को जिला मुख्यालय पहुँचने के लिए नाव से नदी पार करके महज 15 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है । मगर सड़क द्वारा फखरपुर से आने पर लोगो को 30 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है ।इससे अधिक समय के साथ ही पैसा भी खर्च होता है । इसे देखते हुए ग्रामीण नाव द्वारा यात्रा करते हैं । जनप्रतिनिधियो के प्रयास को भी लगा झटका हुजूरपुर ब्लॉक मे सरयू के सिकही घाट पर पुल निर्माण के लिए तत्कालीन सांसद सावित्रीबाईफुले,सासंद अक्षयवर लाल गोंड व सदर विधायक अनुपमा जायसवाल ने शासन से वार्ता की ।जनप्रतिनिधियो की मांग पर सरयू विभाग की ओर से मिट्टी की जांच लगभग दो माह पूर्व की थी ।मगर मिट्टी जांच कराने के बाद बात आगे नही बढ़ी ।ऐसे मे जनप्रतिनिधियो के प्रयास को भी झटका लगा । जिससे क्षेत्र को लोगो मे मायूसी है ।

Comments

Popular posts from this blog

सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की जन्म कुण्डली जानिये : पं0 सुधांशू तिवारी

राघोपुर में बिजली चोरी करते पकड़े गए 11 लोग जेई ने दर्ज कराई प्राथमिकी

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमन्त्री केशव प्रसाद मौर्य की जीवन कुण्डली : पं. सुधांशु तिवारी के साथ