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Wednesday, February 10, 2021

जिलाधिकारी ने की उच्च क्षमता पावर ग्रिड निर्माण कार्य की समीक्षा


 सहरसा 10 फरवरी, (ब्यूरोचीफ)

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने सत्तरकटैया प्रखंड के सिहौल में बन रहे पावरग्रिड निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया एवं पावरग्रिड के अधिकारियों तथा निर्माण कर्ता संवेदक एजेंसी के प्रतिनिधियों से कार्य प्रगति के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। पावरग्रिड के महाप्रबंधक द्वारा बताया गया कि सिहौल में निर्माण हो रहे पावरग्रिड स्टेशन में तीन निर्माण एजेंसियों द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा है। सिविल वर्क का कार्य मेसर्स गणपित कन्सट्रक्षन, पटना एवं मेसर्स राधा कन्सट्रक्षन, विलासपुर द्वारा किया जा रहा है। वहीं इलेक्ट्रीक वर्क का कार्य मेसर्स लवली कन्सट्रक्षन, पटना द्वारा किया जा रहा है।                                           सिविल वर्क का कार्य कर रहे मेसर्स गणपित कन्सट्रक्षन द्वारा बताया गया कि वर्तमान में उनकी एजेंसी द्वारा कुशल एवं अकुशल 64 श्रमिकों के माध्यम से कार्य किये जा रहे हैं और 11 फरवरी 2021 से 35 अतिरिक्त श्रमिकों को कार्य पर लगाये जाएंगे। स्थानीय स्तर पर उक्त श्रमिकों की व्यवस्था रहती है। वहीं मेसर्स राधा कन्सट्रक्षन, विलासपुर के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि वर्तमान में 70 श्रमिकों से काम लिया जा रहा है और 50 अतिरिक्त श्रमिक लगाकर कार्य समय पर पूरा कर लिये जाएंगे।                                            इलेक्ट्रीक वर्क का कार्य कर रहे मेसर्स लवली कन्सट्रक्षन के प्रतिनिधियों द्वारा बताया कि उनके द्वारा लगभग 40 प्रतिशत कार्य कर लिया गया है। 84 टावर लगाया जाना था जिसमें सभी टावर लगा दिये गये हैं। अब केवलिंग वर्क किया जाना शेष है। उन्होंने बताया कि यदि सिविल वर्क यदि समय पर पूरा होता है तो उनका कार्य भी समय पर पूरा कर लिया जाएगा। सभी निर्माण सामग्री उपलब्ध है और कुल-87 श्रमिकों को कार्य पर लगाया गया है तथा 70 अतिरिक्त श्रमिक कार्य पर लगाए जाएंगे।                                           पावरग्रिड के महाप्रबंधक द्वारा बताया गया कि ग्रिड में कुल-06 ट्रांसफॉर्मर लगना है। इसके लिए प्लेटफार्म तैयार किये जा चुके हैं और ट्रांसफॉर्मर भी उपलब्ध हो गया है। उन्होंने कहा कि ट्रांसमिषन हेतु 211 टावर का निर्माण किया जाना है जिसमें से 190 टावर का निर्माण किया जा चूका है शेष 21 टावर पानी रहने के कारण अभी निर्माण नहीं किया गया है। उक्त टावर के निर्माण में कोई प्रषासनिक समस्या है ना हीं सामग्री की कमी है। सिविल वर्क 80 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।                                                                                               जिलाधिकारी ने पावरग्रिड के अधिकारियों एवं निर्माण कर रहे एजेंसियों को निर्देश दिया कि अतिरिक्त श्रमिकों को लगाकर हर-हाल में 31 मार्च 2021 तक निर्माण का कार्य पूरा करें। सहरसा जिला के साथ-साथ सम्पूर्ण कोषी क्षेत्र एवं आस-पास के जिलों को इस पावरग्रिड के निर्माण होने के बाद निर्वाध 24 घंटा विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा। यह काफी महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसलिए निर्माण कार्य में विलंब न हो। उल्लेखनीय है कि सत्तरकटैया के सिहौल गांव में 1400 एमवीए उच्च क्षमता वाला सहरसा पावरग्रिड उपकेन्द्र कोशी क्षेत्र का सबसे बड़ा पावरग्रिड होगा जिससे सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, खगडि़या बेगूसराय, मधुबनी, अररिया सहित कोशी क्षेत्र इससे लाभान्वित होंगे। यह बिजली का जंक्शन प्वाइंट होगा।

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