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Tuesday, May 4, 2021

गोखरू

गोखरू(corn) हथेली अथवा पैरों के तलवों या तलवे के आस-पास गोलाकार, कठोर और गांठ के रूप में हो जाता है। इसे चर्म कील भी कहते हैं। पैर में होने पर इसके कारण चलने-फिरने मे परेशानी होती है। कुछ लोग इसे उस्तरे से कटवाते भी हैं फिर भी यह ठीक नहीं होता। Corn ज्यादातर अधिक मेहनत करने वाले लोगों की हथेली में होता है। अधिक घर्षण एवं दबाव के कारण उस जगह की त्वचा dead हो जाती है। Dead त्वचा गांठ का रूप धारण कर लेती है जिसे गोखरू(corn) अथवा चर्म कील


कहते हैं। पैरों में छोटे size अथवा plastic के जूता चप्पल पहनने से corn की समस्या उत्पन्न होती है। तलवे के जिस हिस्से में घर्षण एवं दबाव ज्यादा होता है उस हिस्से में गोखरू होने के ज्यादा chance होते हैं। यदि आप भी इस गोखरू से परेशान हैं तो निम्न घरेलू नुस्खा को बेझिझक आजमा  सकते हैं। 

उपचार:*--  गर्म पानी से पैर को धोकर साफ कर लें। गर्मी के मौसम में ठंडे पानी से भी धोकर साफ कर सकते हैं। अब मोटे कपड़े से रगड़ कर प्रभावित हिस्से को अच्छे से पोंछ लें। अपनी हथेली पर दो-तीन बूंद सरसो के तेल (mustard oil) में जरा सा नमक मिला लें। अब इस नमक और तेल के मिश्रन को गोखरू पर लगा दें। प्रतिदिन रात्रि में सोने के पहले लगा लें। कुछ ही दिनों के प्रयोग से लाभ होने लगता है। यदि चर्म कील नया हो तो 15 से 20 दिन में ठीक हो जाता है। पुराने चर्म कील को ठीक होने में समय लगता है परन्तु यह भी ठीक हो जाता है। यह एक आजमाया हुआ लाभप्रद नुस्खा है।
         *ध्यान रहे जिन लोगो के पैर में गोखरू हो गया हो* अथवा होने का भय हो उन्हें सही साइज का मुलायम जूता चप्पल का इस्तेमाल करना चाहिए। मोजा साफ सुथरा एवं सूती ही प्रयोग करना चाहिए।

*मूलेठी*- जब कॉर्न बनना शुरू होता है तब मूलेठी इसके दर्द को कम करने में असरदार रूप में काम करता है। मूलेठी में ग्लीसेरइज़ेन नामक तत्व होता है जो दर्द को कम करने और कड़क त्वचा को मुलायम बनाने में प्रभावकारी रूप से काम करता है।

*विधि*- मूलेठी के तीन-चार स्टिक ले लें और इनको ग्राइन्ड करके पेस्ट बना लें। इस पेस्ट में तिल का तेल या सरसों का तेल मिलायें। अब इस पेस्ट को सोने के पहले कॉर्न पर धीरे-धीरे रगड़ें। रात भर इसको काम करने दें, इससे स्किन नरम हो जाएगा और ये आकार में छोटा होने लगेगा।
*नींबू*– नींबू का एन्टीफंगल और एन्टीबैक्टिरीयल गुण कॉर्न के उपचार में काम आता है। इन गुणों के अलावा नींबू का एसिडीक गुण हार्ड स्किन को सॉफ्ट और हिल-अप करने में बहुत मदद करता है।
*विधि*– ताजे नींबू का स्लाइस लेकर कॉर्न के ऊपर रखकर कपड़ा या गॉज से अच्छी तरह से बांधकर रातभर रख दें। रोज़ाना इस्तेमाल करने के बाद दो हफ़्ते के बाद आपको इसका असर दिखने लगेगा।
*कच्चा पपीता-*  कच्चा पपीता स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। पपीते का रस कॉर्न के कष्ट से आराम दिलाने में बहुत काम करता है।
*विधि*- कच्चे पपीते के स्लाइस काट कर उनका रस निचोड़ लें। अब उस रस को कॉर्न पर लगाकर रात भर यूं ही रख दें।
*जंगली प्याज़*- प्याज़ का बल्ब या कंद कॉर्न के सूजन और त्वचा में जो कड़ापन आ जाता है उसको कम करने में असरदार रूप से काम करती है। प्याज़ का एन्टीफंगल गुण इंफेक्शन से भी बचाता है और कॉर्न को कम करने में मदद करता है।
*विधि*-प्याज़ के कंद को भून लें और कॉर्न पर रखकर अच्छी तरह से बांध लें। रात भर इसको बांधे रहने दें।
*लहसुन*– लहसुन का एन्टीबैक्टिरीयल और एन्टीफंगल गुण कॉर्न के त्वचा को नरम करने में बहुत मदद करता है।
*विधि*- ज़रूरत के अनुसार लहसुन के कुछ फांक ले लें और उनको अच्छी तरह से पिसकर पेस्ट बना लें। अब उस पेस्ट को कॉर्न पर लगाकर अच्छी तरह से रात भर बांधकर रखें।
*बेकिंग सोडा*– बेकिंग सोडा के एसिडिक नेचर के कारण ये कॉर्न के आस-पास के रफ स्किन को सॉफ्ट बनाने में बहुत मदद करता है। बेकिंग सोडा में नींबू का रस मिलाने से और भी वह प्रभावकारी बन जाता है।
*विधि*- ज़रूरत के अनुसार बेकिंग सोडा लें और उसमें पेस्ट बन जायें इतना नींबू का रस मिलायें। अब इस पेस्ट को कॉर्न पर अच्छी तरह से लगाकर रात भर कपड़ा या गॉज से बांधकर रखें। लेकिन कॉर्न का मुँह अगर खुल गया है या इंफेक्शन हो गया है तो कभी भी इस उपचार को प्रयोग में न लायें, इससे जलन होगा और कॉर्न की अवस्था और भी बदतर हो जायेगी।
• पपीता कई तरह के बीमारियों से राहत दिलाने में बहुत मदद करता है। लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि पपीता का दर्दनिवारक गुण गोखरू के दर्द से राहत दिलाने में भी बहुत मदद करता है। आधा चम्मच पपीते का रस गोखरू के कारण दर्द वाले जगह पर दिन में तीन बार लगायें।
डॉ. दुर्गा प्रसाद पांडेय
प्राकृतिक चिकित्सक
मुंबई

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