अंदाज़ ए लखनऊ

आज हवा जब हुई जहरीली 

भेजो तुम फिर सबको नोटिस,

तेरा-मेरा मेरा-तेरा फिर 

जग को तुम भेजो नोटिस,

पहले दूसरे नंबर का ये 

खेलो न तुम खेल पुराना,

अंत धरा में है सबका 

जब तक प्राण हैं प्राण बचाना ,

हरियाली के जीवन को 

भेजो फिर तुम सब को नोटिस,

आज हवा है फिर जहरीली

भेजो न अपने को नोटिस ।

 

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