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Monday, January 4, 2021

उत्तर प्रदेश की सरकार में आये दिन पत्रकारों की हो रही है हत्या

अयोध्या टाइम्स बहराइच जिला संवाददाता सूरज कुमार त्रिवेदी के नीरज मिश्रा

सरकार पत्रकार सुरक्षा पर कोई कानून लागू नही कर पा रही है-राशिद अली*
लखनऊ इंडियन रिपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राशिद अली ने कहा कि उत्तर प्रदेश  सरकार में पूरी तरीके से  जंगलराज कायम  है जिस कारण  अपराधियों के हौसले दिन पर दिन बुलंद होते जा रहे हैं हाल में ही कानपुर की  बिकरु गांव की घटना हो या फिर  हाथरस में दिनदहाड़े  बलात्कार की हो  या उन्नाव में दबंग भूमाफिया द्वारा  पत्रकार की हत्या हो अपराधियों के हौसले  इतने बुलंद होते जा रहे हैं कि वह  पत्रकारों पर भी हमले करने से नहीं चूक रहे हैं प्रदेश अध्यक्ष श्री अली यहां प्रदेश कार्यालय पर पत्रकारों की बैठक में कहा कि लगातार उत्तर प्रदेश सरकार  में  कई जिलों में पत्रकारों के ऊपर  हमले हुए हैं और उसमें कई पत्रकारों ने अपनी जान  गवा दी है इस प्रकार दिन प्रतिदिन पत्रकारों पर हो रहे हमले से स्पष्ट होता है कि देश के चौथे स्तंभ रक्षा के लिए कोई ना कोई कानून पास होना चाहिए देश के चौथे स्तंभ को देश में सबसे बड़ा खतरा पत्रकारों का दमन उत्तर प्रदेश सरकार कैसे बर्दाश्त कर रही है यह एक सोचनीय विषय   इससे उत्तर प्रदेश सरकार पर सवालिया निशान बनता जा रहा है  ताजा मामला कानपुर नगर के पत्रकार अंशु यादव का है जो तीन दिन से लापता थे और  परिजनों ने  लिखित शिकायत  गुमशुदगी  की दर्ज करवाई थी फिर भी पुलिस ने समय रहते मामले को गंभीरता में लिया होता तो आज यह घटना नहीं घटित होती  इससे लगता है कि पूर्व की घटित घटनाओं  से पुलिस ने सबक नहीं लिया लगातार हो रही घटनाओं से उत्तर प्रदेश सरकार के  मुख्यमंत्री आदित्य योगी नाथ कब देश के चौथे स्तंभ को  गारंटी देगे कि आप सुरक्षित हैं  क्यों उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन कैसे बर्दाश्त करती है देश के चौथे स्तंभ पर इस तरीके की बर्बरता हम जवाब मांगते हैं उत्तर प्रदेश सरकार से कि आखिर कब तक देश के चौथे स्तंभ पर दमन और प्रहार होता रहेगा कब तक मूकदर्शक बनी रहेगी उत्तर प्रदेश सरकार कब तक हम अपने पत्रकार साथियों को खोते रहेंगे इस बात का जवाब  चाहिए हमें प्रदेश के  मुखिया आदित्य योगी नाथ से और इसका जवाब दे उत्तर प्रदेश सरकार में बैठे काबिल सरकार के अधिकारियों से जो घटना के बाद जागते है और फिर अगली घटना होने तक मूक बधिर हो जाते  है

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