ब्रेल लिपि की व्यवहारिक लब्धिया -

नेत्रहीनों के लिए ब्रेल लिपि

शैक्षिकविकास की चरम परिणति होती है। "नाइट राइटिंग" के नाम से प्रसिद्ध है यह लिपि विश्व के सभी नेत्रहीन व्यक्तियों के शैक्षिक विकास के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है जिसका आविष्कार फ्रांस के लुई ब्रेल ने किया था जो स्वयं नेत्रहीन थे। लुई ब्रेल के पूर्व नेपोलियन बोनापार्ट के सैनिक रात्रि में एक दूसरे से बिना बातचीत किए अपना संदेश दूसरे सैनिक को पहुंचा देते थे लगभग उसी समय से ब्रेल लिपि का उद्भव माना जाता है।नेत्रहीनों के लिए ब्रेल लिपि शिक्षा के संस्कृतियों की वह श्रृंखला है जिसमें प्रत्येक राष्ट्र संपूर्ण नेत्रहीन मानवीय उपलब्धियों मे अपना अपना समायोचित अभिव्यक्ति प्राप्त करता है। आधुनिक युग में ब्रेल लिपि नेत्रहीनों के लिए शिक्षा के परिवर्तन की वह परिभाषा है जिससे एक राष्ट्र का विकास उच्चतम बिंदु पर  होता है।  प्रतियोगिता में पिछड़ जाने वाले नेत्रहीन बालको का मूल कारक शिक्षा है। शिक्षा प्रत्येक राष्ट्र की वह महान उदय यात्रा है जिसमें कल्याणकारी राज्य तत्वमीमांसा निहित रहती है। विश्व को माननीय उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए ब्रेल लिपि का व्यवहारिक  ज्ञान होना नेत्रहीनों के लिए अत्यंत आवश्यक है। आज विश्व में शिक्षा के नए-नए आयामों की तलाश की जा रही है जिससे राष्ट्र का विकास हो सके। वर्तमान युग में नेत्रहीन बालक भी ब्रेल लिपि के माध्यम से राष्ट्र के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। आधुनिक युग में सभी ऑफिस के कामकाज को नेत्रहीन व्यक्तियों के द्वारा भी कराया जा रहा है जो ब्रेल लिपि का एक बहुत बड़ा महत्वपूर्ण योगदान है। संवेदना शून्य नेत्रहीन व्यक्ति ब्रेल लिपि के माध्यम से अपने जीवन के जीवंतता को बनाए रखने में सफल है। वर्तमान समय में ब्रेल लिपि की शिक्षा नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए विश्व के कई देशों में कई भाषाओं में उपलब्ध है इसका अंदाजा विश्व के कई ऑफिस में नेत्रहीन व्यक्ति भी वर्कर्स के रूप में देखे जा सकते हैं। आज वैश्विक उपभोक्तावादी संस्कृति की छाया में आर्थिक विकास के श्रेणी में नेत्रहीन व्यक्ति यथार्थ के परिमाप को लिए प्रत्येक राष्ट्र के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

मौलिक लेख
 सत्य प्रकाश सिंह 
केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज प्रयागराज उत्तर प्रदेश

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